Sakra Kidnapping Case: विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने 16 वर्षीय किशोरी के अपहरण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. अदालत ने मामले में दो दोषियों को चार-चार साल के कारावास की सजा सुनाई है. दोषियों में सकरा का रणधीर कुमार और उसके फूफा सीवान जिले के महादेवा थाना स्थित हकाम गांव निवासी कमल सिंह शामिल हैं. इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी कमल सिंह पर 12 हजार रुपये और रणधीर कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
2024 में दर्ज कराई गई थी प्राथमिकी
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष से पांच गवाहों को पेश किया. घटना के संबंध में पीड़िता के पिता ने 12 दिसंबर 2024 को सकरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया था कि 10 दिसंबर की सुबह जब वे सोकर उठे तो उनकी 16 वर्षीय पुत्री घर से गायब थी. काफी खोजबीन के बाद पता चला कि आरोपी रणधीर कुमार ने उसका अपहरण कर लिया है.
फूफा के घर पर छिपाकर रखी गई थी पीड़िता
पुलिस जांच और पीड़िता के सकुशल मिलने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हुआ. पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी रणधीर ने अपहरण के बाद उसे सीवान स्थित अपने फूफा कमल सिंह के घर पर छिपाकर रखा था. कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी पाते हुए यह सजा सुनाई.
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