Bihar School: बिना टीचर के ही संचालित हो रहे दो स्कूल! DEO ने कही हैरानी वाली बात

Bihar School: मुजफ्फरपुर में दो ऐसे स्कूल हैं, जहां कोई भी शिक्षक तैनात नहीं हैं. ऐसा मैं नहीं बल्कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी यू-डायस 2024-25 की रिपोर्ट कह रही है. इसपर जिले के डीईओ ने हैरान करने वाली बात कही है. पढे़ं पूरी खबर…

Bihar School: बिहार के मुजफ्फरपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां दो स्कूल बिना कोई शिक्षक के संचालित हो रहे हैं. यहां बच्चे खुद “टीचर” बनकर पढ़ाई करते हैं. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी यू-डायस 2024-25 की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरपुर में दो ऐसे स्कूल हैं जहां एक भी शिक्षक नहीं हैं. प्रदेश भर में ऐसे स्कूलों की संख्या 127 है. पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक 30 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं. सहरसा में 18, गया में 11, पटना और समस्तीपुर में 7-7, शिवहर में आठ पश्चिम चंपारण में तीन स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं हैं. 

46 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक

प्रदेश भर के सभी जिलों से शिक्षा विभाग की ओर से भेजे गए डेटा के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गयी है. इसके साथ ही मुजफ्फरपुर में 46 स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं. 164 स्कूलों में दो-दो शिक्षक हैं. 494 स्कूलों में तीन-तीन और 430 स्कूलों में चार-चार शिक्षक हैं. जिले में पांच या इससे अधिक शिक्षकों वाले स्कूलों की संख्या 2232 है. 

डेटा में हो सकती है गड़बड़ी: डीइओ 

डीइओ अजय कुमार सिंह ने इसपर कहा कि उनके संज्ञान में मुजफ्फरपुर में एक भी स्कूल ऐसा नहीं है, जिसमें शून्य शिक्षक हों. हो सकता है डेटा भेजने में या उसे समेकित करने में कहीं चूक हो गयी है. डेटा की फिर से समीक्षा की जायेगी.

ALSO READ: CM Nitish Gift: चुनाव से पहले बिहार को बड़ा तोहफा, 17 जिलों में खुलने जा रहा मॉडल सदर अस्पताल

रिपोर्ट- अंकित कुमार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >