त्रि-स्तरीय निगरानी से तय होगी पारदर्शिता व जवाबदेही

त्रि-स्तरीय निगरानी से तय होगी पारदर्शिता व जवाबदेही

राजस्व महाअभियान मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर 16 अगस्त से शुरू होनेवाले राजस्व महाभियान की तैयारी ज़ोरों पर हैं. अभियान की निगरानी के लिए जिला, अनुमंडल व अंचल स्तर पर त्रिस्तरीय निगरानी सेल का गठन किया गया है. डीएम के आदेश के अनुसार, इन सेलों में नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी है. उनके साथ दो-दो अन्य पदाधिकारी और कर्मी भी तैनात होंगे. जिला स्तर पर अपर समाहर्ता व बंदोबस्त पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी होंगे. अनुमंडल स्तर पर एसडीओ पूर्वी व पश्चिमी को नोडल पदाधिकारी नामित किया गया है. अंचल स्तर पर प्रखंड के वरीय पदाधिकारी नोडल होंगे. यह महाभियान 20 सितंबर तक चलेगा. भूमि संबंधित रिकॉर्ड में सुधार के लिए शिविर लगाये जायेंगे. इन शिविरों में परिमार्जन व उत्तराधिकारी/नामांतरण से संबंधित आवेदनों का निपटारा किया जायेगा. साथ ही, जो रैयत कैंप तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए घर-घर जाकर आवेदन लेने की भी सुविधा है. अभियान के दौरान, प्रत्येक दिन की अपडेट रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है, ताकि कार्यों की प्रगति की निगरानी की जा सके. डिजिटलीकरण व ऑनलाइन रिकॉर्ड अभियान के तहत पुराने और ऑफलाइन भू-अभिलेखों को डिजिटल प्रारूप में परिवर्तित कर ऑनलाइन किया जा रहा है. इससे कोई भी व्यक्ति अपनी भूमि से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकता है. छूटी हुई जमाबंदियों को ऑनलाइन दर्ज करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. पंचायत में लगेगा शिविर ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाता है. इन शिविरों में राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही लोगों की समस्याओं को सुनते हैं और उनका समाधान करने का प्रयास करते हैं.

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By Navendu Shehar Pandey

Navendu Shehar Pandey is a contributor at Prabhat Khabar.

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