मुजफ्फरपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट
Tirhut Liquor Mafia: तिरहुत रेंज में शराब के अवैध धंधे पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी और निर्णायक रणनीति तैयार की है. इसके तहत अब हर थाना क्षेत्र के तीन सबसे बड़े शराब माफियाओं को चिन्हित कर उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी. डीआईजी चंदन कुशवाहा ने इस संबंध में रेंज के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को विशेष अभियान चलाने का कड़ा निर्देश जारी किया है. पुलिस की इस कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है.
140 शराब माफियाओं की सूची तैयार, पुलिस रडार पर संपत्ति
मुजफ्फरपुर जिले में 48 थाना और ओपी मिलाकर कुल 140 शराब माफियाओं की एक विस्तृत सूची बनाई गई है. इन सभी की अवैध संपत्ति को जब्त करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. ये ऐसे शराब धंधेबाज हैं जो कई बड़े मामलों में आरोपित रहे हैं. दूसरे राज्यों से शराब की बड़ी खेप मंगाने वाले सिंडिकेट से लेकर स्थानीय स्तर पर स्प्रिट से नकली शराब बनाने और उसकी बिक्री करने वाले बड़े माफिया अब सीधे पुलिस की रडार पर आ चुके हैं.
थानेदारों को मिला 15 दिनों का अल्टीमेटम
डीआईजी तिरहुत रेंज ने सभी थानेदारों को सख्त निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाके के टॉप-3 शराब माफियाओं की सूची और उनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा 15 दिनों के भीतर सौंपें. थानेदार इसके लिए सीओ, निबंधन कार्यालय और बैंकों से समन्वय स्थापित करेंगे. वे माफियाओं के नाम पर दर्ज जमीन, मकान, लक्जरी वाहन और बैंक बैलेंस की पूरी जानकारी जुटाएंगे. अगर किसी थानेदार ने इस काम में लापरवाही बरती, तो उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होना तय है. डीआईजी का मानना है कि शराब माफिया की आर्थिक कमर तोड़े बिना इस काले धंधे पर रोक लगाना संभव नहीं है.
बेनामी संपत्ति और वर्ष 2016 के बाद के निवेश पर विशेष नजर
पुलिस को आशंका है कि शराब माफियाओं ने काली कमाई से अपने परिजनों (पत्नी, बेटे, भाई) और करीबियों के नाम पर करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाई है. पुलिस इन सभी करीबियों की संपत्ति की भी गहन जांच करेगी. इसके साथ ही, अप्रैल 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बाद से अब तक खरीदी गई जमीन, मकान, फ्लैट, लक्जरी गाड़ियों और बैंक निवेश की विशेष जांच होगी. यदि यह साबित होता है कि संपत्ति शराब के अवैध धंधे से अर्जित की गई है, तो उसे तुरंत जब्त किया जाएगा. आय से अधिक संपत्ति मिलने पर आर्थिक अपराध इकाई (EOI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को भी केस भेजा जाएगा. यह अभियान मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले में एक साथ चलाया जाएगा.
