संवाददाता, मुजफ्फरपुर
दिल्ली से घर छोड़कर भागीं तीन नाबालिग लड़कियों को कांटी थाना के शहबाजपुर गांव में शुक्रवार को ग्रामीणों को भटकती हुई मिली. तीनों डरी सहमी थी. ग्रामीणों को आशंका थी कि तीनों बच्चियों को देह व्यापार करने वाले अपने जाल में फंसा सकते थे. तीनों बच्ची कांटी के सदातपुर मोड़ से पैदल ही आ रही थी. कुछ संदिग्ध लोग भी उसके आगे- पीछे किया. लेकिन, उनको परेशान नहीं किया. ग्रामीणों ने बच्ची के मिलने की सूचना डायल 112 पर दिया. पुलिस तीनों बच्चियों को पहले कांटी थाने पर ले गयी. वहां से सुरक्षित महिला थाने भेज दिया. तीनों बच्चियों की उम्र 14 से 16 साल के बीच है, दिल्ली के एक ही इलाके की रहने वाली हैं. बताया गया है कि तीन दिन पहले तीनों किसी बात पर परिजनों से नाराज होकर घर से भाग निकली और ट्रेन पकड़कर मुजफ्फरपुर पहुंची. स्टेशन पर कुछ संदिग्ध लोगों ने उन्हें बहलाने-फुसलाने की कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए. इसके बाद, तीनों पैदल ही मुजफ्फरपुर-मोतिहारी फोरलेन की तरफ निकल गई . रात के अंधेरे में तीनों सड़क पर भटकती रही. गनीमत थी कि वह किसी अपराधिक प्रवृति या फिर देह व्यापार कराने वाले गिरोह के चंगुल में नहीं फंसी. शुक्रवार को तीनों शहबाजपुर गांव में भटक रही थी. ग्रामीणों को शक होने पर तीनों को रोका और उनसे पूछताछ की. तीन में से एक लड़की के झोला से दिल्ली का पता मिला. जिसके बाद उसके परिजनों को सूचित किया गया. एक लड़की इतना डर गयी थी कि वह ग्रामीणों को बोली कि उसके पिता जिंदा नहीं छोड़ेंगे. इसके बाद डायल 112 की टीम गांव में पहुंच कर बच्ची को अपने साथ ले गयी. नगर थानेदार शरत कुमार के मोबाइल पर फोन करके दिल्ली पुलिस ने संपर्क साधा है. साथ ही दो लड़की के पिता ने भी बच्ची के बारे में जानकारी ली है. बच्ची को सुरक्षित महिला थाने पर रखा गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
