साहेबगंज से गोविंद प्रसाद की रिेपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड अंतर्गत वैद्यनाथपुर गांव में बाया नदी के पास एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है. शनिवार को बाया नदी पर बने रेलवे पुल के पास नहाने गए चार बच्चों में से तीन बच्चे अचानक गहरे पानी में चले जाने के कारण नदी में डूब गए.
इस हादसे में एक बच्चा किसी तरह अपनी सूझबूझ से नदी से बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे उसकी जान बच गई. घटना के बाद से पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है.
प्रतापपट्टी परसौनी गांव के थे सभी चारों बच्चे
मिली जानकारी के अनुसार, नदी में डूबने वाले और सुरक्षित बाहर निकलने वाले सभी चारों बच्चे साहेबगंज के प्रतापपट्टी परसौनी गांव के रहने वाले हैं. दोपहर के समय सभी बच्चे एक साथ वैद्यनाथपुर में बाया नदी पर बने रेलवे पुल के पास पानी में नहाने गए थे.
नहाने के दौरान बच्चे नदी के गहरे पानी की ओर चले गए और तेज बहाव तथा गहराई का अंदाजा न होने के कारण डूबने लगे. एक बच्चे ने हिम्मत दिखाकर किसी तरह तैरकर किनारे पहुंचकर अपनी जान बचाई और गांव में जाकर घटना की जानकारी दी.
एक नजर में: हादसे से प्रभावित बच्चों का विवरण
घटना में शामिल सभी बच्चों का विस्तृत विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:
| बच्चे का नाम (Child's Name) | पिता का नाम (Father's Name) | उम्र (Age) | वर्तमान स्थिति (Current Status) |
| साहिल कुमार | मनोज साह | 12 वर्ष | नदी में डूबा (तलाश जारी) |
| अमृत कुमार | गुड्डू साह | 12 वर्ष | नदी में डूबा (तलाश जारी) |
| मो. छोटू | मो. ऐनुल | 14 वर्ष | नदी में डूबा (तलाश जारी) |
| मो. गुड्डू | मो. मुन्ना | 13 वर्ष | सुरक्षित (नदी से बाहर निकला) |
स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन जारी
घटना की सूचना फैलते ही भारी संख्या में आसपास के ग्रामीण और परिजनों के लोग बाया नदी के तट पर जुट गए. घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और अंचल प्रशासन को दी गई.
फिलहाल स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बाया नदी में डूबे तीनों बच्चों की तलाश के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. नदी में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण खोजबीन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय ग्रामीणों का कहना: "गर्मी के कारण बच्चे नदी की तरफ नहाने चले गए थे. रेलवे पुल के पास नदी का तला काफी गहरा है, जिसका अंदाजा बच्चों को नहीं मिल पाया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय तैराकों को नदी में उतारा गया है और बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है."
