महिलाओं की कर्ज मुक्ति के लिए होगी बड़ी लड़ाई

महिलाओं की कर्ज मुक्ति के लिए होगी बड़ी लड़ाई

28 नवंबर को विधानसभा के समक्ष महिलाओं का विशाल प्रदर्शन होगा मुशहरी़ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार और बिना सूद कर्ज देने, पुराना कर्ज माफ करने, जीविका कैडर को सरकारी मानदेय देने और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए 28 नवंबर को विधानसभा के समक्ष महिलाओं का विशाल प्रदर्शन होगा. उक्त बातें मंगलवार को प्रखंड के गंगापुर गांव में सैकड़ों महिलाओं की उपस्थिति में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहीं. उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह, जीविका और माइक्रो फाइनेंस कंपनी द्वारा ग्रामीण महिलाओं को कर्ज देकर जबरन पैसा वसूली के खिलाफ पूरे बिहार में सरकार के खिलाफ महिलाओं में आक्रोश है. इसलिए विशाल प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की. साथ ही झारखंड की तरह बिहार में भी महिलाओं को 3000 मासिक पेंशन देने की मांग सरकार से की. महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं पर पुलिस-प्रशासन को जवाब देने और सरकार से रोक लगाने की मांग की. बैठक को रानी प्रसाद, रसोइया संघ एक्टू के जिला सचिव परशुराम पाठक, शत्रुघ्न सहनी, विमलेश मिश्र, कोमल देवी, बच्ची देवी, उषा देवी, राजकुमारी देवी, इंदु देवी, चंद्रकला देवी, रसीदा खातून, गीता देवी ने सम्बोधित किया.

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