मोबाइल पोलिंग स्टेशन की व्यवस्था खत्म

मोबाइल पोलिंग स्टेशन की व्यवस्था खत्म

विधानसभा चुनाव में परमानेंट बूथ पर होगी वोटिंग

मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर

विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने अहम बदलाव किया है. इस बार चुनाव में मोबाइल पोलिंग स्टेशन (चलंत बूथ) की व्यवस्था को समाप्त कर दिया जायेगा. उसके स्थान पर स्थायी मतदान केंद्रों (परमानेंट पोलिंग स्टेशन) की संरचना सुनिश्चित की जायेगी. यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है. इस नयी व्यवस्था को लागू करने के लिए, सभी प्रखंडों की वर्तमान भौगोलिक स्थिति की समीक्षा की गयी है. समीक्षा के दौरान, जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी बीडीओ को इस संबंध में जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं. उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके संबंधित क्षेत्रों में स्थायी बूथों की स्थापना हो सके. वहीं, निर्वाचन प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने ऐसे बूथों की पहचान करने का निर्देश दिया है, जहां महिला कर्मियों की तैनाती की जा सके. इसके अलावा, उपलब्ध डेटाबेस के अनुरूप महिला कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने को भी कहा गया है. दरअसल, महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा को लेकर भी यह फैसला लिया गया है. बल्कि मतदान केंद्रों पर एक सकारात्मक और सुरक्षित माहौल भी बनेगा. चुनाव आयोग का यह भी लक्ष्य है कि युवा मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ा जाए. इसके लिए, युवाओं को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा.

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बाजार समिति में नहीं कराएं मतगणना

-व्यवसायी संघ के अध्यक्ष ने डीएम को दिया ज्ञापन

कृषि उत्पादन बाजार समिति व्यवसायी संघ के अध्यक्ष विजय चौधरी ने डीएम सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी से भेंट की. मतगणना कार्य से बाजार समिति को मुक्त रखने की मांग की. इस संबंध में डीएम को दिये ज्ञापन में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया में करीब तीन माह का समय लग जाता है. इस दौरान दुकानदारों को बहुत परेशानी होती है.सारा स्टॉक खाली करने के क्रम में भारी नुकसान होता है. इस अवधि में कारोबार बंद रहने से आर्थिक स्थिति खराब हो जाती है. वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना बेला के महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज में करायी गयी थी. इसके अलावा आरडीएस कॉलेज में भी मतगणना करायी जा सकती है. इससे बाजार समिति के दुकानदारों के अलावा दस हजार कर्मियों की आजीविका सुरक्षित रहेगी.

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Published by: Prabhat kumar

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