सजावट के रंग और रोशनी के उत्सव में डूबा बाजार

The market is awash in the festive colours

घरों में रंग-रोगन के बाद सजावट में जुटे लोग, खूब हो रही खरीदारी उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर धनतेरस और दिवाली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार में रौनक छा गयी है. घर और प्रतिष्ठान को सजाने की तैयारियां जोरों पर हैं. सजावटी सामान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है. फ्लावर लड़ी, तोरण, मंगल कलश, नजरिया, तुलसी चौरा, मोती माला, मोती लड़ी, झूमर, पवन घंटी, लाइट कैंडिल और रंगोली पाउडर की डिमांड काफी बढ़ी हुई है़. घरों का रंग-रोगन के बाद लोग घरों को सजाने में जुटे हैं. शहर के सरैयागंज और मोतीझील के बाजार में सुबह से रात तक सजावट के सामान की खरीदारी हो रही है. कल्याणी, तिलक मैदान और मोतीझील में सजावट की दुकानों में सजे रंग-बिरंगे झालर बल्बों की चमक हर किसी को आकर्षित कर रही है. इस बार ग्राहक अलग-अलग रंगों और डिजाइनों वाले बिजली के बल्बों की खरीदारी में उत्साह दिखा रहे हैं. स्मार्ट एलइडी लाइट्स और मल्टी-कलर झालरों की मांग इस बार दिवाली में स्मार्ट एलइडी लाइट्स और मल्टी कलर वाले झालरों की डिमांड सबसे अधिक है. ग्राहक अब पारंपरिक बल्बों के साथ-साथ सोलर और एनर्जी-सेविंग लाइट्स की ओर भी रुख कर रहे हैं, जो पर्यावरण के अनुकूल है. मोतीझील में सजावटी सामान बेचने वाले महेंद्र बिज की दुकान से फ्लावर लड़ी और तोरण की डिमांड सबसे अधिक है. महेंद्र बताते हैं, लोग अपने घर के मुख्य द्वार को कृत्रिम फूलों की लड़ी और रंग-बिरंगे तोरण से सजाना पसंद कर रहे हैं. कृत्रिम फूलों की लड़ी और मोती-माला वाले तोरण की मांग बहुत बढ़ी है. इसके अलावा मंगल कलश और तुलसी चौरा भी खूब बिक रहे हैं. इसे धनतेरस पर घर में समृद्धि और सुख-शांति का प्रतीक माना जाता है. दिवाली पर घरों को सजाने के लिये रंगोली पाउडर की भी डिमांड बढ़ी हुई है. रंगोली के लिए चटकीले रंग और ग्लिटर पाउडर की मांग है, जो घर को आकर्षक बनाता है. पवन घंटी और झूमर भी घरों की शोभा बढ़ाने के लिये लोग खरीद रहे हैं.

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By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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