फिल्म दिखाती है, क्या घट रहा समाज में
The film shows what is happening in society.
डी 24 आरडीएस कॉलेज में एडॉप्टेशन फ्रॉम टेक्स्ट टू स्क्रीन: नोवेल टू फिल्म पर संगोष्ठी उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर आरडीएस कॉलेज व आइक्यूएसी के संयुक्त तत्त्वावधान में कॉलेज सभागार में एडॉप्टेशन फ्रॉम टेक्स्ट टू स्क्रीन: नोवेल टू फिल्म विषय पर संगोष्ठी हुई. मुख्य वक्ता विवि में अंग्रेजी विभाग के प्राध्यापक प्रो मधुशालिनी ने कहा कि फिल्म समाज का दर्पण व संवाद का सशक्त माध्यम है. यह मानवीय संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से जागृत करता है. मुख्य वक्ता ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फिल्म की प्रस्तुति के स्टेप्स को समझाया. सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो केके झा ने कहा कि फिल्म में कल्पना व संवेदना गहराई से जुड़े होते हैं. प्राचार्य डॉ शशि भूषण कुमार ने कहा कि फिल्म निर्माण में कल्पना अहम है. डॉ नीलिमा झा, डॉ आरती, डॉ अनीता सिंह, डॉ संजय सुमन, डॉ अमर ज्योति, डॉ एमएन रजवी, डॉ राजीव, डॉ सौरभ राज, डॉ चंद्र किशोर, डॉ आयशा जमाल, डॉ सुमन लता, डॉ अनुराधा पाठक, डॉ स्नेह लता, डॉ गणेश शर्मा, डॉ भगवान, धनंजय, डॉ ललित किशोर, डॉ विकास सहित छात्र मौजूद रहे.
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