किसान निबंधन व ई-केवाइसी में जिला सूबे में नंबर वन

किसान निबंधन व ई-केवाइसी में जिला सूबे में नंबर वन

:: जिला में लक्ष्य से अधिक 10566 किसानों का हुआ निबंधन

:: डीएम ने मिशन मोड में काम करने की दी हिदायत, शनिवार को हर अंचल में 1500 निबंधन का टास्क वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध, पारदर्शी और निर्बाध रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से डीएम सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व में चलाये तीन दिवसीय विशेष किसान निबंधन एवं ई-केवाईसी अभियान जिला सूबे में अव्वल आते हुए प्रथम स्थान पर रहा है. राज्य स्तर पर जिले को 8000 किसानों के निबंधन का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध 10566 किसानों का सफलतापूर्वक निबंधन किया गया, जो राज्य में सर्वाधिक है. यह उपलब्धि जिला प्रशासन की सक्रियता, अधिकारियों-कर्मचारियों की प्रतिबद्धता तथा किसानों की जागरूक भागीदारी का परिणाम है.

इस पर डीएम ने इस अभियान से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मियों को निर्देश दिया कि वे पूरी तत्परता, गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ किसानों के हित में कार्य करें, ताकि अधिक से अधिक किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी महत्वाकांक्षी योजना से जुड़ सकें.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े आंकड़े

जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत कुल 3,59,827 किसान आच्छादित हैं. इनमें से अब तक 38,827 किसानों का निबंधन हुआ है. विशेष अभियान के दौरान शुक्रवार को एक दिन में 7,388 किसानों का निबंधन किया गया. शाम पांच बजे तक कुल 15,514 किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की गई. बेहतर प्रगति को लेते हुए दस जनवरी तक तिथि विस्तारित किया गया. शनिवार को इस चरण का अंतिम दिन है. दूसरा चरण 18 जनवरी से प्रारंभ होकर 21 जनवरी तक चलेगा. डीएम ने किसानों से अपील की है कि वे इन निर्धारित तिथियों के भीतर अपना निबंधन एवं ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें.

निबंधन व ई-केवाईसी से होने वाले प्रमुख लाभ

सही किसान की पहचान सुनिश्चित करना. फर्जी व दोहरे लाभ पर रोक, किस्त भुगतान में बा धा नहीं, डेटा अपडेट व त्रुटि सुधार में सुविधा होगी. ₹6,000 प्रति वर्ष की सुनिश्चित आय सहायता से किसानों को कृषि लागत वहन करने में मदद मिलती है. यह राशि बीज, खाद, सिंचाई, कृषि उपकरणों तथा अन्य आवश्यकताओं में सहयोग प्रदान करती है.

मोतीपुर का प्रदर्शन जिले में बेहतर

मोतीपुर प्रखंड में निबंधन एवं ई-केवाईसी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि अभियान में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने बेहद खराब प्रदर्शन वाले पांच कृषि समन्वयक, पांच किसान सलाहकार, पांच हल्का कर्मचारी तथा पांच अमीन को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया. शनिवार को महाअभियान के अंतिम दिन को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी. मुशहरी, कांटी और कुढ़नी जैसे बड़े प्रखंडों के अपेक्षाकृत खराब प्रदर्शन पर उन्होंने गहरी नाराजगी जतायी. उन्होंने शनिवार को प्रत्येक अंचल को हर हाल में न्यूनतम 1500 किसानों का निबंधन एवं ई-केवाईसी करने का लक्ष्य निर्धारित किया.

मुशहरी अंचल में म्यूटेशन परिमार्जन से संबंधित आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने के मामले में सीओ से स्पष्टीकरण और प्रति लंबित आवेदन ₹500 जुर्माना लगाने का निर्देश अपर समाहर्ता राजस्व को दिया. साथ ही दोषी राजस्व अधिकारी व कर्मचारी पर कार्रवाई के निर्देश दिये गये. बोचहां, गायघाट अंचलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा. मुरौल अंचल में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिला कृषि पदाधिकारी व सीओ को संयुक्त रूप से आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया.

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Author: KUMAR GAURAV

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