स्मार्ट सिटी का हाल बेहाल : कहीं धंसती सड़क, कहीं सीवरेज के नाम पर खुदाई

स्मार्ट सिटी का हाल बेहाल : कहीं धंसती सड़क, कहीं सीवरेज के नाम पर खुदाई

::: कंपनीबाग रोड, जूरन छपरा और सरैयागंज सिकंदरपुर रोड पर धंस रही सड़कें, सीवरेज कार्य के लिए हाल में बनी सड़कों की फिर से खोदाई

::: उड़ते पत्थर और रोड़ों से राहगीर परेशान, दुर्घटना की आशंका

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चल रहे विकास कार्यों ने मुजफ्फरपुर शहर की सूरत सुधारने की बजाय उसे और बदतर बना दिया है. एक तरफ जहां विभिन्न इलाकों में सड़कें धंस रही हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है. वहीं दूसरी तरफ सीवरेज के नाम पर हाल ही में बनी सड़कों को भी फिर से खोद दिया गया है. इन अव्यवस्थित कार्यों के चलते सड़कों पर उड़ते पत्थर और रोड़े राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गये हैं. शहर के कंपनीबाग रोड, जूरन छपरा और सरैयागंज सिकंदरपुर रोड जैसे प्रमुख इलाकों में सड़कों का धंसना आम बात हो गयी है. इससे सड़क उभर-खाभर लग रहा है.

लोगों का कहना है कि इन सड़कों पर अचानक गड्ढे बन जाने से दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है. सबसे ज्यादा परेशानी सरैयागंज से सिकंदरपुर चौक के बीच की सड़क पर हो रही है. प्रशासन द्वारा इन धंसती सड़कों का कारण जानने के लिए की गयी खानापूर्ति वाली खुदाई ने स्थिति को और भयावह बना दिया है. खुदाई के बाद छोड़े गए ईंट और पत्थर अब वाहनों के चलने से हवा में उड़ते हैं, जिससे राहगीरों को चोट लगने का डर सताता रहता है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत ही शहर में सीवरेज का काम भी जोर-शोर से चल रहा है. विडंबना यह है कि इस कार्य के लिए उन सड़कों को भी बेरहमी से खोद दिया गया है, जिनका निर्माण कुछ समय पहले ही हुआ था. नतीजतन, शहर की कई मुख्य सड़कें अब गड्ढों और धूल के अंबार में तब्दील हो गयी है. राहगीरों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए इन रास्तों पर चलना दूभर हो गया है. स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “स्मार्ट सिटी के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है. पहले अच्छी सड़कें बनीं, फिर सीवरेज के नाम पर उन्हें तोड़ दिया गया. अब उड़ते पत्थर और धूल से जीना मुश्किल हो गया है. एक अन्य राहगीर सुनीता देवी ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, “बच्चों को स्कूल ले जाना और बाजार जाना किसी जंग जीतने से कम नहीं है. सिकंदरपुर इलाके में हर तरफ गड्ढे और उड़ते पत्थर हैं. प्रशासन को हमारी परेशानी क्यों नहीं दिखती है. स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहे इन बेतरतीब विकास कार्यों ने शहर के लोगों को भारी असुविधा में डाल दिया है. सड़कों का धंसना और सीवरेज के नाम पर बार-बार की जा रही खोदाई ने मुजफ्फरपुर के नागरिकों के धैर्य की परीक्षा लेनी शुरू कर दी है.

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Author: PRASHANT KUMAR

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