Muzaffarpur Kidnapping Verdict: जिले के रामपुर हरि थाना क्षेत्र से एक 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी को अगवा करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. विशेष कोर्ट पॉक्सो एक्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा की अदालत ने इस मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए आरोपित छोटू कुमार को दोषी करार दिया है. कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद अब सजा के बिंदु पर आगामी 20 जुलाई को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है.
पांच गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) नरेंद्र कुमार ने कोर्ट के सामने पीड़िता का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने इस संवेदनशील मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए विशेष कोर्ट के समक्ष पांच महत्वपूर्ण गवाहों को परीक्षित कराया. इसके साथ ही घटना से जुड़े कई अहम वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी पेश किया गया. इन मजबूत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित छोटू कुमार को अपहरण का दोषी पाया.
शौच के लिए निकली नाबालिग का किया था अपहरण
इस घटना को लेकर इसी वर्ष 22 मार्च को पीड़िता की मां ने रामपुर हरि थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. दर्ज प्राथमिकी में उन्होंने बताया था कि बीती 18 मार्च की रात्रि उनकी 16 वर्षीय पुत्री घर से शौच के लिए बाहर निकली थी. इसके बाद वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी. परिजनों ने अपने स्तर से उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला. बाद में स्थानीय स्तर पर की गई छानबीन में पता चला कि आरोपित छोटू कुमार ने उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है.
20 जुलाई को सजा पर टिकीं सबकी निगाहें
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की थी और आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. पुलिस ने समय पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद मुकदमे का स्पीडी ट्रायल चला. अब आरोपित को दोषी करार दिए जाने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है. आगामी 20 जुलाई को कोर्ट द्वारा सुनाई जाने वाली सजा पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं.
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