पॉक्सो कोर्ट सजा: मुजफ्फरपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने किशोरी अपहरण कांड में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी नितेश कुमार को सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया है. विशेष कोर्ट पॉक्सो एक्ट संख्या-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दरिंदे को छह वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके साथ ही अदालत ने उस पर 20 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी ठोक दिया है. कोर्ट के इस सख्त फैसले ने कानून से बचने की फिराक में लगे अपराधियों को दो टूक संदेश दे दिया है.
कटघरे में टिक नहीं सकी दलीलें, आठ गवाहों के दम पर कोर्ट ने सुनाई सजा
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार ने कोर्ट में अभियोजन का पक्ष पूरी मजबूती और आक्रामकता से रखा. उन्होंने अदालत के सामने आठ पुख्ता गवाह पेश किए, जिनकी अकाट्य गवाही ने आरोपित को कानून के शिकंजे में कस दिया.
- चार्जशीट: पुलिस ने मामले की गहन पड़ताल कर 14 दिसंबर 2025 को आरोपित के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी.
- एफआईआर: घटना के तुरंत बाद 24 अगस्त 2025 को पीड़िता के पिता ने मीनापुर थाने में नामजद केस दर्ज कराया था.
आधी रात शौच निकली थी किशोरी, सफेद कार से झपट्टा मार किया था अगवा
रोंगटे खड़े कर देने वाली यह वारदात 24 अगस्त 2025 की देर रात करीब दो बजे अंजाम दी गई थी. घर से बाहर शौच के लिए निकली निहत्थी किशोरी पर घात लगाए बैठे दरिंदों ने हमला बोल दिया. आरोपितों ने उसे जबरन सफेद रंग की कार में घसीटा और तेजी से फरार हो गए. परिजन जब तक कुछ भांप पाते, बेटी दरिंदों के चंगुल में फंस चुकी थी.
मुजफ्फरपुर में छिपाया, ट्रेन से मुंबई ले जाकर चार दिनों तक रखा बंधक
मुजफ्फरपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दो सितंबर 2025 को रेलवे स्टेशन के पास से किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया. बरामदगी के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी बर्बरता का खुलासा किया:
- अगवा करने के बाद दोषी ने उसे पहले दो दिनों तक जिले के ही गुप्त ठिकाने पर छिपाकर रखा.
- इसके बाद 26 अगस्त को वह किशोरी को जबरन ट्रेन में बैठाकर मुंबई ले गया.
- मुंबई में दरिंदे ने मासूम को लगातार चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा.
- केस दर्ज होने और पुलिस के शिकंजे की भनक लगते ही आरोपित घबरा गया और किशोरी को लेकर मुजफ्फरपुर लौटा, जहां वह दबोच लिया गया.
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