मुजफ्फरपुर में नर्सिंग होम पर कड़ा एक्शन, मानक पूरे न होने पर रद्द होगा लाइसेंस

स्वास्थ्य विभाग ने जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए एक बड़ा जांच अभियान शुरू किया है. इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाना है.

Private Nursing Home Inspection: स्वास्थ्य विभाग जिले में संचालित निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों की व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू करने जा रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने 5 सदस्यीय विशेष जांच टीम का गठन किया है. टीम को जिले भर के अस्पतालों का निरीक्षण कर बारीकी से पड़ताल करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं.

मानकों, आईसीयू और ओटी की होगी सघन जांच

गठित जांच टीम अस्पतालों में पहुंचकर व्यवस्थाओं की पड़ताल करेगी. इस दौरान इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU), ऑपरेशन थिएटर (OT) और जनरल वार्ड में निर्धारित मानकों के साथ-साथ जीवनरक्षक सुविधाओं की मौजूदगी की जांच की जाएगी.

डॉक्टरों की डिग्री और स्टाफ की योग्यता की पड़ताल

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, सर्जनों और पैरामेडिकल स्टाफ की शैक्षणिक योग्यताओं और डिग्रियों की प्रामाणिकता खंगाली जाएगी. पंजीकरण या अनुबंध के समय जमा कराए गए कागजातों की जमीनी हकीकत पर जांच होगी ताकि यह देखा जा सके कि अस्पताल दावों पर खरे उतर रहे हैं या नहीं.

मानक पूरे न करने वाले अस्पतालों पर कड़ा रुख

सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले या बिना मानक पूरे किए चल रहे अस्पतालों को बख्शा नहीं जाएगा. जांच में अनियमितता या फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर संबंधित नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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लेखक के बारे में

By कुमार दीपू

स्वास्थ्य, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर दीपू रिपोर्टिंग करते हैं. इन्हें पत्रकारिता में 16 साल का अनुभव है.

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