Muzaffarpur News: अभया दिवस के अवसर पर रोटरी क्लब ऑफ तिरहुत, मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में श्री गांधी स्मृति पुस्तकालय के सभागार में हिंसा के खिलाफ जागरूकता संगोष्ठी आयोजित की गई. संगोष्ठी में चिकित्सकों के साथ होने वाली हिंसा तथा महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, उत्पीड़न और असम्मान जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई.
डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोटरी क्लब ऑफ तिरहुत के अध्यक्ष रोटेरियन ऋतेश अनुपम ने कहा कि डॉक्टर समाज के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. मरीजों की सेवा और जीवन बचाने के लिए चिकित्सक दिन-रात समर्पित रहते हैं. ऐसे में उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या दुर्व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
महिलाओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
रोटरी क्लब ऑफ तिरहुत के सचिव रोटेरियन आशीष शंकर ने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा पर विचार रखते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति हिंसा केवल सामाजिक समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चुनौती है. महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना परिवार, समाज और संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है.
कोलकाता की घटना पर जताया शोक
संगोष्ठी में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला चिकित्सक के साथ हुई जघन्य घटना को याद किया गया. वक्ताओं ने पीड़िता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए चिकित्सकों की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
हिंसा के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि हिंसा के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. चिकित्सकों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और महिलाओं के लिए सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए संस्थागत स्तर पर भी प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है.
रोटरी क्लब के सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में रोटरी क्लब ऑफ तिरहुत के रोटेरियन डॉ. विनायक गौतम, शशांक शेखर, उदय भानु, प्रेम कुमार चौधरी, अमित राज, संजीव चौधरी, पुरुषोत्तम पांडे, रोटेरियन राजीव कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे.
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