सनातन धर्म प्रकृति आधारित और वैज्ञानिक

Sanatana Dharma is nature based and scientific

सुख शांति भवन में मनाया गया हिंदू नव वर्ष फोटो – दीपक -23 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर आमगोला स्थित सुख शांति भवन में भारतीय नव वर्ष के मौके पर समारोह का आयोजन किया. जोनल इंचार्ज रानी दीदी ने कहा कि ईश्वर के द्वारा संचालित इस सृष्टि में प्रकृति की बड़ी भूमिका है और प्रकृति के परिवर्तन के साथ ही जो नयापन प्रकट होता है इसी से हम नवीनता की शुरुआत करते हैं. हमें एक दूसरे को शुभकामना देते हुए सेवा के संकल्प के साथ सदा तैयार रहना चाहिये. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ एचएन भारद्वाज ने कहा कि हमारा नव वर्ष बहुत ही वैज्ञानिक है. ऋतुओं का सीधा-सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य और मन पर पड़ता है. चैत का महीना नव वर्ष की शुरुआत है. साहित्यकार डॉ संजय पंकज ने कहा कि सनातन धर्म प्रकृति आधारित और वैज्ञानिक है. वयोश्रेष्ठ एचएल गुप्ता गुप्ता ने कहा कि हम एक दूसरे से उत्साह के साथ मिलते हैं. प्रकृति हमें प्रेरित करती है, वही हमें ताजा बनाए रखती है. हमारा नव वर्ष आध्यात्मिकता से भरा हुआ है. इस मौके पर डॉ बी एल सिंघानिया, डॉ रामजी प्रसाद, डॉ नवीन कुमार, डॉ विश्वजीत, डॉ कंचन कुमार, वैद्य ललन तिवारी, कंचन और महेश ने भी विचार रखे.

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By Vinay kumar

पिछले दो दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय. कला-संस्कृति, बाजार, लाइफस्टाइल और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं. तथ्यों की शुद्धता, निष्पक्षता और खोजी पत्रकारिता इनकी लेखनी की मुख्य पहचान है.

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