ब्रह्मपुरा स्थित मानव विरोध सेवा समिति द्वारा सतपाल महाराज का जन्मोत्सव अनाथ मुक्तिका बाई के सानिध्य में धूमधाम से मनाया गया। उन्होंने कहा कि अध्यात्म ज्ञान का यह असाध्य मानव धर्म का आधार है, जिसे जीवन में शामिल करने के लिए महावीर, भगवान बुद्ध, वैदिक ऋषि ईसा मसीह, ईसा मसीह, हजरत मोहम्मद पैगम्बर साहब, जैन, विज्ञानियों ने यह उपदेश दिया है कि हम मृत्यु पर विजय पाते हैं। मानव बुद्ध के ध्यान की धारा पर विचार करके प्रयोग बनाया गया। हजरत मोहम्मद पैगम्बर साहब ने हजारों की संख्या में अपने घर के अंदर और बाहर जाकर दर्शन किए। मूल दैवी महामानव प्रदर्शक के रूप में कौन सा धर्म है और कौन सी प्रार्थना नहीं होती। धर्म और विज्ञान दो नहीं, बल्कि सत्य की खोज की एक ही प्रक्रिया है। धर्म स्वयं विज्ञान है।
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है