कालाजार के छुपे हुए मरीजों की पहचान करेंगे ग्रामीण चिकित्सक

Rural doctors will identify hidden patients of Kala-azar

कालाजार और फाइलेरिया पर नकेल: ग्रामीण चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण मोतीपुर, बोचहां और गायघाट प्रखंड चुने गए, 25-25 ग्रामीण चिकित्सक होंगे सूचना प्रदाता वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर जिले में कालाजार और फाइलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई पहल शुरू की है. इसके तहत छुपे हुए मरीजों की जल्द पहचान और इलाज सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीण चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इस योजना के लिए मोतीपुर, बोचहां और गायघाट प्रखंड को चयनित किया गया है. प्रत्येक प्रखंड से 25-25 ग्रामीण चिकित्सकों को सूचना प्रदाता के रूप में उन्मुखीकरण कराया जा रहा है, ताकि संभावित मरीजों को खोजा जा सके. ग्रामीण चिकित्सक निभाएंगे अहम भूमिका प्रशिक्षित ग्रामीण चिकित्सक न केवल कालाजार बल्कि फाइलेरिया रोगियों की जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग को देंगे. इससे मरीजों को जांच, दवा, दिव्यांगता सर्टिफिकेट, एमएमडीपी किट और उसके उपयोग से जुड़ी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी. जिला पदाधिकारी की अपील जिला वीबीडीसी पदाधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि ग्रामीण चिकित्सकों को कालाजार और फाइलेरिया से बचाव व इलाज की पूरी जानकारी दी गई है. उन्हें यह भी बताया गया कि संभावित मरीजों को कैसे पहचानें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भेजें. डॉ. कुमार ने कहा, समय पर पहचान और इलाज से इन बीमारियों के प्रसार पर रोक लगाई जा सकती है. ग्रामीण चिकित्सक इसमें हमारी सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे.

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By Kumar Dipu

I am working as a senior reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on health, political, social, and current topics.

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