बारिश का पानी अब नहीं जाएगा बेकार, मुजफ्फरपुर में बनेंगे चेक डैम, खेतों को मिलेगा पानी

मुजफ्फरपुर में जल संरक्षण और कृषि को बढ़ावा देने के लिए जल जीवन हरियाली योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम शुरू हुआ है. जिले के सभी 16 प्रखंडों में चेकडैम बनाए जाएंगे, जिससे बारिश के पानी का संचयन होगा और खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचेगी.

Muzaffarpur News:  मुजफ्फरपुर. जिले में जल संरक्षण और कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल जीवन हरियाली योजना के तहत बड़े पैमाने पर काम शुरू किया गया है. जिले के सभी 16 प्रखंडों में बारिश के पानी का संचयन करने और खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने के लिए चेक डैम बनाए जाएंगे. फिलहाल 12 प्रमुख योजनाओं पर जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है. इससे मानसून के दौरान बह जाने वाले पानी के संरक्षण के साथ किसानों को पटवन की सुविधा मिलने की उम्मीद है.

12 योजनाओं पर जमीनी स्तर पर शुरू हुआ काम

अभियान के तहत फिलहाल 12 प्रमुख चेक डैम योजनाओं पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है. इनका निर्माण विभिन्न प्रखंडों में चिह्नित स्थानों और स्थानीय नदियों व नालों के मुहाने पर कराया जा रहा है.

प्रशासन की ओर से निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जा सके.

पटवन की समस्या से किसानों को मिलेगी राहत

बारिश के बाद किसानों को अक्सर खेतों की सिंचाई के लिए पानी की कमी का सामना करना पड़ता है. चेक डैम बनने से बरसाती पानी को रोककर जलसंचय किया जा सकेगा. इससे आसपास के खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहने की उम्मीद है.

इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का उत्पादन बढ़ाने, डीजल और बिजली से चलने वाले सिंचाई साधनों पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिल सकती है.

भूजल स्तर में सुधार की उम्मीद

चेक डैम में पानी रुकने से आसपास के क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज होने की संभावना रहती है. इससे ग्राउंड वाटर लेवल में सुधार हो सकता है. साथ ही मिट्टी के कटाव को रोकने और स्थानीय जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलेगी.

16 प्रखंडों तक होगा योजना का विस्तार

जल जीवन हरियाली अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है. मुजफ्फरपुर के सभी 16 प्रखंडों में चेक डैम निर्माण की योजना से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से किसानों की उत्पादन लागत कम होने और कृषि आय में सुधार की संभावना भी जताई जा रही है.

ऐसे बनता है चेक डैम

चेक डैम नाले, छोटी नदी या पानी के प्राकृतिक बहाव वाले स्थान पर बनाया जाने वाला छोटा बांध होता है. इसका उद्देश्य पानी की गति को धीमा करना, मिट्टी के कटाव को रोकना और पानी को रोककर भूजल स्तर बढ़ाना होता है.

निर्माण से पहले नाले या बरसाती नदी के ढलान और पानी के बहाव का सर्वे किया जाता है. ऐसे स्थान का चयन किया जाता है जहां किनारे मजबूत हों और पानी के संचयन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध हो.

इसके बाद नाले की चौड़ाई के अनुसार गहरी और मजबूत नींव तैयार की जाती है, ताकि तेज पानी के बहाव के दौरान चेक डैम की संरचना सुरक्षित रह सके.

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By प्रभात कुमार

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