रिफंड के लिए गलत रिटर्न भरने वालों को आयकर का नोटिस दलों व एनजीओ को चंदा देनेवाले रिटर्न की हो रही विशेष जांच उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर मूल्यांकन वर्ष 25-26 के लिए भरे जाने वाले रिटर्न में टैक्स बचाने के लिए अगर कोई भी गलत दावा किया है तो सतर्क हो जायें. आयकर विभाग पिछले चार वर्ष के ऐसे सारे रिटर्न की जांच कर रहा है, जिसमें शंका हो. खासकर राजनीतिक दलों और एनजीओ को चंदा देने जैसे रिटर्न पर विभाग की पैनी नजर है. कुछ दिन पूर्व ऐसे कई रिटर्न में गड़बड़ी पकड़ी गयी थी. आयकरदाताओं ने रिटर्न में जिस राजनीतिक दलों को चंदा देने का जिक्र किया था, उस तरह की राजनीतिक पार्टी विभाग को नहीं मिली. उस पार्टी का आयकर रिटर्न भी जमा नहीं है. इसके बाद विभाग ने ऐसे सभी रिटर्न की जांच शुरू कर दी है. इसमें बीते वर्ष के रिटर्न को भी खंगाला जा रहा है. जिले में करीब बीस ऐसे करदाता हैं, जिनको नोटिस आ चुका है. उन्हें चेतावनी के साथ दोबारा रिटर्न दाखिल करने के लिए कहा गया है. नौकरी पेशावाले लोगों का एक मुश्त रिटर्न भरने वाले एजेंसी की भी छानबीन की जा रही है. इस तरह की एजेंसी लोगों को टैक्स बचाने का लालच देती है और गलत खर्च दिखा सरकार से रिफंड का भी दावा करती है. रिटर्न में जिस राजनीतिक पार्टी का चंदा लगाने की रसीद शामिल है, उन पार्टियों के पते का भी सत्यापन किया जा रहा है. इसके अलावा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के नाम पर टैक्स चोरी की भी चांच की जा रही है. विभाग का मानना है कि आयकर कानून के 80 जीजीसी व 80 जी के तहत किये गये दावों की विशेष जांच हो रही है. इन दिनों विभाग एआइ की मदद से रिटर्न जांच कर रहा है. टैक्सेशन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि नोटिस पानेवाले करदाता टैक्स प्रोफेशन से संपर्क कर रहे हैं. फिलहाल आयकर विभाग दोस्ताना तरीके से करदाताओं को संशोधित रिटर्न दाखिल करने के लिए अलर्ट भेज रहा है. ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. आयकर विभाग ने विदेश में अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं करने वाले को भी रिवाइज्ड रिटर्न भरने का अलर्ट भेजा है.
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