प्रॉपर्टी टैक्स छूट बेकार, मुजफ्फरपुर में वाटर हार्वेस्टिंग में लोगों की बेरुखी

People’s indifference towards water harvesting

::: वर्षा का पानी संचय करने में रुचि नहीं ले रहे शहरवासी, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का नहीं मिल रहा दावेदार

::: प्रॉपर्टी टैक्स में 05 फीसदी छूट का प्रावधान, वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाले को मिलेगा दस फीसदी का लाभ

::: नगर निगम का प्रयास विफल, नागरिकों की उदासीनता चिंताजनक; गंभीर जल संकट की ओर कर रहा इशारा

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर निगम क्षेत्र में शुरू की गयी एक महत्वपूर्ण योजना ठप होती दिख रही है. निगम ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाले घरों को प्रॉपर्टी टैक्स में पांच फीसदी की छूट देने का प्रावधान तो किया है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से अभी तक किसी भी नागरिक ने इस छूट का दावा नहीं किया है. राज्य सरकार द्वारा लागू इस प्रावधान का उद्देश्य नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति प्रोत्साहित करना है, लेकिन मुजफ्फरपुर में इसकी शुरुआत निराशाजनक रही है. नगर निगम के अनुसार, इस योजना के तहत उन घरों को कर में छूट दी जानी है, जिन्होंने अपने परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित की है. इसका लक्ष्य भूजल स्तर को बढ़ाना और पानी की कमी से जूझ रहे शहर को राहत दिलाना है. हालांकि, जागरूकता की कमी या अन्य कारणों से, नागरिक इस योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं.नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने सभी तहसीलदारों को इस योजना के बारे में जानकारी दी है और उन्हें यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम वाले घरों को पांच फीसदी की छूट मिले. गौरतलब है कि नगर निगम अभी 30 जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर 05 प्रतिशत की छूट दे रहा है. जिनके घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं. उन्हें, 30 जून तक टैक्स जमा करने पर 10 फीसदी का छूट मिलेगा. निगम अधिकारियों का कहना है कि यह एक सुनहरा अवसर है जिसका नागरिकों को लाभ उठाना चाहिए.

बॉक्स :: लोगों की उदासीनता भी हो रहा उजागर, होगा गंभीर संकट

यह स्थिति मुजफ्फरपुर में जल संरक्षण के प्रति नागरिकों की उदासीनता को दर्शाती है. यह चिंता का विषय है कि सरकार और नगर निगम द्वारा उठाये जा रहे कदमों के बावजूद, लोग जल संरक्षण के महत्व को समझने में विफल हो रहे हैं. यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो शहर को भविष्य में गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है.

बॉक्स :: हर दिन 22-25 लाख रुपये हो रहा है जमा

नगर निगम में अभी हर दिन 22-25 लाख रुपये प्रॉपर्टी टैक्स का वसूली हो रहा है. इसमें पानी व सफाई के बदले लगने वाला यूजर चार्ज भी है. आने वाले दिनों में वसूली की राशि बढ़ेगी. जैसे-जैसे छूट के साथ टैक्स जमा करने की समाप्ति तिथि नजदीक आयेगी. लोगों की भीड़ बढेगी. अभी ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों माध्यम से निगम टैक्स जमा कर रहा है.

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By Devesh kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में देवेश को 17 वर्षों का अनुभव है. उच्च शिक्षा, जमीन रजिस्ट्री, नगर निगम की कार्यप्रणाली और स्मार्ट सिटी विकास जैसे विषयों पर इनका विशेष लेखन है. राजनीतिक और सामाजिक समसामयिक मुद्दों के साथ-साथ खोजी पत्रकारिता और ब्रेकिंग न्यूज कवरेज में ये सक्रिय हैं. तथ्यपरक, प्रभावी और जन सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग इनकी प्रमुख पहचान है.

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