संवाददाता, मुजफ्फरपुर नेटवर्किंग कंपनी डीबीआर में यौन उत्पीड़न व नौकरी का झांसा देकर रुपये ठगने के मामले में विशेष पॉक्सो व दुष्कर्म कोर्ट-3 में कांड के अनुसंधानक दारोगा जितेन्द्र महतो की आंशिक गवाही हुई. इसके बाद कोर्ट ने गवाही के लिए दो अप्रैल की अगली तिथि तय की गयी है. अभियोजन की ओर से पूर्व में पीड़िता समेत सीवान मीनापुर इलाके की दो युवतियों की गवाही दिलायी गयी थी. मीनापुर की युवती ने अपनी गवाही में कहा था कि वह डीबीआर के हाजीपुर कार्यालय में काम करती थी. उसी कार्यालय में सारण की पीड़िता भी काम करती थी. वह और आरोपित तिलक साथ में ही रहते थे. सीवान की युवती ने अपने बयान में कहा कि वह भी डीबीआर के हाजीपुर शाखा में कार्यरत थी. वहीं पर काम करने वाली सारण की पीड़िता से मुलाकात हुई थी. उसने कोर्ट को बताया था कि उसे सारण की पीड़िता के द्वारा केस दर्ज कराए जाने की जानकारी है. अबतक पांच गवाहों के बयान दर्ज इससे पहले तीन अन्य युवतियों का कोर्ट में बयान दर्ज कराया गया था. उन तीनों ने सारण की पीड़िता के साथ हुई घटना के बारे में नहीं बताया था. तीनों ने डीबीआर में यौन उत्पीड़न व ठगी की बात स्वीकार नहीं की थी. इस तरह मामले में अब तक पांच गवाहों के बयान दर्ज कराये गये हैं. बता दें कि सारण की पीड़िता ने केस दर्ज कराया था कि उसे नौकरी का झांसा देकर कंपनी में यौन शोषण किया गया और रुपये की ठगी की गयी. उसने युवतियों के साथ मारपीट किये जाने का वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर पुलिस को सौंपा था. केस व वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने मामले में आरोपित तिलक सिंह व अजय कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा और दोनों पर चार्जशीट भी दाखिल की है.
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