लेखा लिपिक संवर्ग का सामान्य लिपिक में विलय का विरोध

लेखा लिपिक संवर्ग का सामान्य लिपिक में विलय का विरोध

:: , महासंघ ने दी कोर्ट की अवमानना की चेतावनी

::: 2018 की अधिसूचना की अनदेखी; पदोन्नति के लिए हाईकोर्ट में वाद

:: संघ ने कहा- कोर्ट के निर्णय तक कोई कार्रवाई हुई तो होगी अवमानना

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शनिवार को शहर के एक होटल में कार्य विभागों के लेखा लिपिक संवर्ग की एक आपात बैठक हुई. इसमें पथ निर्माण विभाग और भवन निर्माण विभाग द्वारा लेखा लिपिक संवर्ग को सामान्य लिपिकीय संवर्ग (निम्नवर्गीय/उच्च वर्गीय लिपिक) में समाहित करने के विभागीय निर्णय का संघ ने कड़ा विरोध किया है. महासंघ ने बताया कि वर्ष 2018 में ही विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर यह स्पष्ट कर दिया गया था कि पूर्व से कनीय लेखा लिपिक/वरीय लेखा लिपिक के पदों पर कार्यरत कर्मी अपने पद पर बने रहेंगे. इसके बावजूद, पथ निर्माण और भवन निर्माण विभाग द्वारा इस अधिसूचना की पूरी तरह से अनदेखी और अवहेलना की जा रही है. इस संबंध में लेखा लिपिक संवर्ग में पदोन्नति के लिए हाईकोर्ट में पहले ही वाद दायर किया जा चुका है. संघ ने चेतावनी दी है कि कोर्ट का निर्णय आने तक लेखा लिपिक को संवर्ग संरचना अथवा कैडर परिवर्तन संबंधी किसी भी प्रकार की कार्रवाई किया जाना कोर्ट की अवमानना माना जायेगा. बैठक में मुख्य रूप से राजेश कुमार, रंजीत कुमार सिंह, हरिनारायण सिंह, ब्रजेश कुमार, मनीष, कुमार अभिषेक, मृणाल रमण, गौरव राज सहित कई सदस्य मौजूद थे.

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By PRASHANT KUMAR

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