ऑनलाइन नक्शा स्वीकृति की अब सख्ती से जांच, कार्रवाई की चेतावनी

ऑनलाइन नक्शा स्वीकृति की अब सख्ती से जांच, कार्रवाई की चेतावनी

वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

ऑनलाइन नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में हो रही परेशानियों को देखते हुए नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने एक सख्त निर्देश जारी किया है. उन्होंने पाया कि कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और अमीन द्वारा नक्शों की सही तरीके से स्थलीय जांच नहीं की जा रही है और न ही जांच रिपोर्ट को नक्शे के साथ अपलोड किया जा रहा है. इस लापरवाही से नक्शा स्वीकृति में काफी देरी हो रही है.इस समस्या को हल करने के लिए, नगर आयुक्त ने आठ-सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन न करने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

संयुक्त स्थलीय जांच : सभी सहायक अभियंता, एटीपीएस और अमीन को संयुक्त रूप से अपने क्षेत्र में दाखिल किए गए नक्शों की स्थलीय जांच करनी होगी. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि जमीन पर मालिकाना हक सही है और कब्ज़ा भी सही है.

इन नियमों का करना है पालन

बिल्डिंग बायलॉज का पालन :

कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, एटीपीएस और वास्तुविदों को यह सुनिश्चित करना होगा कि भवन निर्माण में बिल्डिंग बायलॉज का पूरी तरह से पालन हो रहा है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों को दोषी माना जाएगा और उन पर कार्रवाई होगी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग और विचलन

: स्वीकृत नक्शे में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का पालन न करने या प्लान में किसी भी तरह का विचलन पाए जाने पर संबंधित अभियंता और वास्तुविद पर कार्रवाई की जाएगी।

जियो टैग फोटो अपलोड

: अमीन, सहायक अभियंता और एटीपीएस को संयुक्त जांच रिपोर्ट के साथ-साथ जियो टैग की गई तस्वीरें भी नक्शे के साथ अपलोड करनी होंगी।

जांच में पारदर्शिता :

सहायक अभियंता और एटीपीएस सभी स्वीकृत नक्शों की 100% जांच करेंगे, जिसमें से 25% नक्शों की स्थलीय जांच कार्यपालक अभियंता स्वयं करेंगे।

राजस्व संग्रहकर्ताओं की भूमिका

: राजस्व संग्रहकर्ता यह जांच करेंगे कि निर्माण स्थलों पर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम और एनजीटीपी के प्रावधानों का पालन हो रहा है या नहीं. उन्हें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि स्वीकृत नक्शा और क्यूआर कोड दर्शनीय स्थान पर लगे हों.

अवैध निर्माण पर रोक:

सभी राजस्व संग्रहकर्ता और अंचल निरीक्षक बिना नक्शा स्वीकृति के बन रहे भवनों की साप्ताहिक रिपोर्ट देंगे, जिसके आधार पर अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई होगी.

दस्तावेजों की सत्यता:

आवेदनकर्ता और अभियंता को यह शपथ पत्र देना होगा कि उन्होंने नक्शे के साथ संलग्न सभी दस्तावेजों की मूल प्रति को स्कैन किया है और उनमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है. छेड़छाड़ पाए जाने पर वे स्वयं जिम्मेदार होंगे.

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By Prabhat Kumar

I am working as a chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on district administration, political, social, and current topics.

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