सरकारी जमीनों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार, 77 हजार से अधिक प्लॉट की इंट्री

सरकारी जमीनों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार, 77 हजार से अधिक प्लॉट की इंट्री

मुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर राज्य सरकार सभी सरकारी जमीनों का ऑनलाइन डाटाबेस तैयार कर रही है. इस पहल का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना और उन पर होने वाले अवैध कब्जों को रोकना है. इसी क्रम में जिले में भी तेजी से ऑनलाइन एंट्री का कार्य चल रहा है.जिले में अब तक कुल 1827 मौजा के 77,132 प्लॉटों की जानकारी कंप्यूटर में दर्ज की जा चुकी है. यह सरकारी जमीनों के प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा देगी. विभाग इन जमीनों के पूरे विवरण को वेबसाइट पर अपलोड करेगा, जिससे आम लोगों के लिए भी जानकारी उपलब्ध हो सकेगी. इसके अतिरिक्त, इस ऑनलाइन डेटाबेस को ई-म्यूटेशन के सॉफ्टवेयर से भी जोड़ा जाएगा. इससे जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी ऑनलाइन हो जाएगी, जिससे समय और श्रम की बचत होगी और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.हालांकि, अभी भी 82 मौजा ऐसे हैं जिनमें ऑनलाइन इंट्री का काम शुरू नहीं हो सका है. विभाग जल्द ही इन क्षेत्रों में भी कार्य प्रारंभ करेगा ताकि जिले की सभी सरकारी जमीनों को ऑनलाइन डाटाबेस में शामिल किया जा सके. सभी अंचलाधिकारी को अपने अपने इलाके के मौजा मे छूटे हुए सरकारी जमीन का जल्द इंट्री कराने को कहा है.इससे सरकारी भूमि रिकॉर्ड का रखरखाव अधिक कुशल और पारदर्शी बनेगा. 57 प्रतिशत आधार का जमाबंदी से सीडिंग जिले में करीब 43 प्रतिशत जमाबंदी अभी तक आधार से लिंक नहीं हुई है. इसे लेकर भी विभाग से कई बार रिमाइंडर किया गया है. इसके लिए जमीन की जमाबंदी रसीद और आधार कार्ड की फोटोकॉपी लेकर अपने राजस्व कर्मचारी या अंचल कार्यालय से संपर्क करना होगा. जमाबंदी आधार से लिंक होगा.

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Published by: Prabhat kumar

प्रभात कुमार, पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रभात का 18 वर्षों का अनुभव है. प्रशासनिक नीतियों के विश्लेषण, राजनीतिक घटनाक्रमों की सटीक रिपोर्टिंग और खोजी पत्रकारिता में इनकी रुचि है. जटिल विषयों को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की इनमें क्षमता है.

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