मुजफ्फरपुर से सुनील कुमार सिंह की रिपोर्ट
New Diesel Rules: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर जारी नया आदेश अब जमीन पर लागू होने लगा है.इस नए नियम के कारण किसानों, व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं.आदेश के मुताबिक, अब पेट्रोल पंपों पर गाड़ी के अलावा सिर्फ पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) द्वारा प्रमाणित लोहे के कंटेनर में ही डीजल दिया जा सकता है.इसके अलावा, प्लास्टिक के गैलन या ड्रम में डीजल देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.इस नियम के लागू होने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों ने आम ग्राहकों के लिए नोजल पॉइंट पर नोटिस भी चिपका दिया है.
24 घंटे में सिर्फ 200 लीटर डीजल की सीमा तय
नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी आम ग्राहक एक दिन में एक वाहन के लिए अधिकतम 200 लीटर तक ही डीजल खरीद सकता है.इस प्रतिबंध से उद्योगों, कमर्शियल संस्थानों, फैक्ट्रियों, मॉल और दूरसंचार कंपनियों को भारी दिक्कत हो रही है.ये संस्थान पहले अपने डीजी सेट के लिए प्लास्टिक के 220 लीटर वाले ड्रम में डीजल ले जाते थे, जिससे अब पंप संचालकों ने इनकार कर दिया है.बाजार में अभी PESO प्रमाणित कंटेनर आसानी से उपलब्ध भी नहीं हैं.
ट्रांसपोर्टर्स और टूरिस्ट बसों पर पड़ा बुरा असर
इस फैसले का सबसे बड़ा असर लंबी दूरी के ट्रांसपोर्टर्स और टूरिस्ट बसों पर दिख रहा है.बड़ी गाड़ियों की ईंधन टंकी 300 से 400 लीटर की होती है.एक दिन में 200 लीटर की सीमा होने के कारण ट्रक और बस चालकों को अपने रूट में दो से तीन बार डीजल भरवाना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और लागत दोनों बढ़ रहे हैं.
