Nepal Flood Helpline: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस प्राकृतिक आपदा के कारण मुजफ्फरपुर जिले के कई लोगों के नेपाल में फंसे होने अथवा परिजनों से संपर्क टूटने की आशंका जताई जा रही है. नेपाल में लापता या फंसे लोगों की त्वरित जानकारी जुटाने और सहायता प्रदान करने के लिए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा है. यदि जिले का कोई भी व्यक्ति नेपाल गया था और बाढ़ के बाद से परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो परिजन तुरंत जारी किए गए मोबाइल नंबर 8544010249 और लैंडलाइन नंबर 06212212007 पर सूचना दर्ज करा सकते हैं.
Emergency Control Room: एसडीआरएफ-एनडीआरएफ अलर्ट, 159 गोताखोर और आपदा मित्र तैनात
नेपाल में आई बाढ़ के कारण बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने साहेबगंज, पारू सहित सभी अति-संवेदनशील तटीय और दियारा इलाकों में एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को मोटरबोट व राहत सामग्री के साथ मुस्तैद रखा है. इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति में बचाव अभियान चलाने के लिए जिले में 159 प्रशिक्षित गोताखोरों और 497 आपदा मित्रों का विशेष दस्ता तैनात किया गया है.
278 नावों से होगी आवाजाही, रेस्क्यू प्लान तैयार
जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया है. आपदा के समय पानी में आवाजाही के लिए जिले में 15 सरकारी नावों के साथ-साथ 263 निजी नावों (कुल 278 नावों) को चिह्नित कर पूरी तरह तैयार रखा गया है.
418 राहत शिविर और 448 सामुदायिक रसोई चिह्नित
आपदा के समय विस्थापित होने वाले परिवारों के रहने और खाने की व्यापक व्यवस्था की गई है. जिले भर में 418 राहत शिविर चिह्नित किए गए हैं. बाढ़ पीड़ितों को ताजा और गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए 448 सामुदायिक रसोई केंद्र तय किए गए हैं. वहीं, तात्कालिक आश्रय निर्माण के लिए प्रशासन के पास 26,000 से अधिक पॉलिथीन शीट्स का स्टॉक भी तैयार रखा गया है.
