घरेलू कामगारों के लिए बने राष्ट्रीय नीति

घरेलू कामगारों के लिए बने राष्ट्रीय नीति

संबल ने मनाया घरेलू कामगारों के साथ मजदूर दिवस डी- 33 उपमुख्य संवाददाता, मुजफ्फरपुर सामाजिक संगठन संबल ने मई दिवस पर घरेलू महिला कामगारों के साथ मजदूर दिवस समारोह मनाया. आमगोला में आयोजित कार्यक्रम में संयोजिका संगीता सुभाषिनी ने कहा- जब हम घरेलू महिला कामगारों की बात करते हैं तो यह देश की 10 करोड़ महिलाओं की बात होती है. बिना किसी लिखित अनुबंध के घर के अंदर चलने वाला यह काम महिला कामगारों के शोषण, छुट्टियों की कमी, कम वेतन, वेतन देने में बेइमानी, नारी सम्मान पर चोट व पूर्णत: असुरक्षित रोजगार जैसी समस्याओं से भरा है. उन्होंने इनके कल्याण के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की जरूरत बतायी. अधिवक्ता नरेश कुमार ने घरेलू महिला कामगारों को उनके कानूनी मसलों में हर संभव मदद का आश्वासन दिया. समाजसेवी राकेश कुमार ने घरेलू महिला कामगारों व उनके युवा बच्चों के लिए बेला स्थित विभिन्न उद्योगों में रोजगार पर चर्चा की. कार्यक्रम में साहित्यकार प्रमोद नारायण मिश्र, महिला नेत्री प्रो संगीता, समाजसेवी चंद्रशेखर व योग शिक्षक डॉ प्रदीप झा सहित कई विशिष्ट व्यक्तियों ने भी संबोधित किया. मजदूर महिलाओं ने भी अपनी समस्याएं रखीं. मौके पर लोक कलाकार सुनील कुमार व अनीता ने जनवादी गीतों की प्रस्तुति दी. युवा कलाकार अमित व आदित्य सुमन की प्रस्तुति भी सराही गयी. मौके पर रंगकर्मी स्वाधीन दास, अधिवक्ता रामवृक्ष राम चकपुरी, श्रवण व अशोक गुप्त मौजूद थे.

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By Vinay Kumar

I am working as a deputy chief reporter at Prabhat Khabar muzaffarpur. My writing focuses on political, social, and current topics.

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