Muzaffarpur News: नगर निगम मुजफ्फरपुर की कार्यशैली और न्यायालय के आदेशों के अनुपालन को लेकर स्थायी लोक अदालत ने सख्त रुख अपनाया है. रजी हसन बनाम नगर आयुक्त मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नगर निगम अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताते हुए नगर आयुक्त पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है. वहीं न्यायालय में गलत तथ्य पेश करने के मामले में उप नगर आयुक्त और नगर प्रबंधक के वेतन भुगतान पर अगली आदेश तक रोक लगा दी गई है.
नगर आयुक्त पर ₹5 हजार जुर्माना
स्थायी लोक अदालत ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि 9 सितंबर तक आवेदक रजी हसन को 5,000 रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित करें.
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि नगर निगम को कई बार सूचना और अवसर दिए जाने के बावजूद नगर आयुक्त या उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ. इसके अलावा निगम की ओर से कोई जवाब भी दाखिल नहीं किया गया.
अदालत ने लगातार सुनवाई की तारीखों पर पैरवी नहीं किए जाने को न्यायिक प्रक्रिया की अवहेलना माना. आदेश की जानकारी तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त और जिलाधिकारी को देते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.
नाले की सफाई की रिपोर्ट पर उठे सवाल
मामला वार्ड संख्या 44 में नाले की सफाई और जलजमाव से जुड़ा है. इससे पहले उप नगर आयुक्त ने 5 जून को पत्र के माध्यम से अदालत को बताया था कि वार्ड में नाले की सफाई करा दी गई है. इसके साथ तस्वीरें और पार्षद का पत्र भी प्रस्तुत किया गया था.
हालांकि, आवेदक रजी हसन ने 28 जुलाई को शपथ-पत्र दाखिल कर निगम के दावे को गलत बताया. उनका कहना था कि जमीन पर नाले की सफाई नहीं हुई है और पानी अब भी सड़क पर बह रहा है.
10 से अधिक वार्डों में जलजमाव की समस्या
आवेदक के अनुसार नाला रोड से कमरा मोहल्ला स्लुइस गेट बांध तक मुख्य आउटलेट पर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित है. इसका असर आसपास के कई वार्डों पर पड़ता है.
बारिश के दौरान वार्ड 16, 17, 18, 19, 20, 21, 40, 41, 42, 43 और 44 के लोगों को जलजमाव की समस्या झेलनी पड़ती है. बनारस बैंक चौक से कमरा मोहल्ला तक सड़क पर घुटने भर पानी जमा होने की बात कही गई है.
बोर्ड बैठक में भी उठ चुका है मामला
स्थानीय वार्ड 21 के पार्षद केपी पप्पू इस समस्या को नगर निगम बोर्ड की बैठकों में कई बार उठा चुके हैं. इसके बावजूद अब तक जलनिकासी और मुख्य आउटलेट से अतिक्रमण हटाने को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है.
