मुजफ्फरपुर: एक साथ जन्म, साथ पढ़ाई और अब सफलता भी साथ. मुजफ्फरपुर की जुड़वा बहनों शोनाया निशांत और शनाया निशांत ने CSIR-UGC NET परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है. मीनापुर प्रखंड के खरहर गांव की रहने वाली दोनों बहनों ने जंतु विज्ञान विषय से परीक्षा दी. खास बात यह है कि दोनों ने किसी बड़े शहर में रहकर कोचिंग नहीं की, बल्कि गांव में रहकर सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल किया.
छोटी बहन शनाया ने CSIR-NET में ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल कर जूनियर रिसर्च फेलोशिप यानी JRF के लिए क्वालीफाई किया है. वहीं बड़ी बहन शोनाया ने भी CSIR-NET परीक्षा पास की है. दोनों ने अपनी उच्च शिक्षा मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज से पूरी की है.
20 मिनट के अंतर से हुआ जन्म, पढ़ाई में भी साथ-साथ रहीं
शोनाया और शनाया का जन्म महज 20 मिनट के अंतर से हुआ था. मैट्रिक से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक दोनों बहनों की पढ़ाई लगभग साथ-साथ चली. दोनों ने दसवीं तक छपरा हाई स्कूल से पढ़ाई की. इसके बाद इंटरमीडिएट, स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई लंगट सिंह कॉलेज से की. जंतु विज्ञान में दोनों ने प्रथम श्रेणी से पीजी पूरा किया.
पढ़ाई के दौरान शोनाया अक्सर अपनी छोटी बहन शनाया से मामूली अंतर से आगे रहती थीं. लेकिन CSIR-NET के परिणाम में पहली बार शनाया ने अपनी बड़ी बहन से आगे निकलते हुए ऑल इंडिया 92वीं रैंक हासिल की और JRF के लिए चयनित हुईं. शोनाया ने भी NET क्वालीफाई किया.
गांव में रहकर रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई
CSIR-NET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की तैयारी के लिए दोनों बहनों ने किसी बड़े शहर या कोचिंग हब का रुख नहीं किया. उन्होंने अपने गांव खरहर में रहकर ही तैयारी की. दोनों रोज करीब 8 से 10 घंटे पढ़ाई करती थीं.
तैयारी में ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल स्टडी मटेरियल की मदद ली. दोनों ने बताया कि एक ही विषय होने के कारण पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे की मदद करना आसान रहा. किसी टॉपिक को समझने में परेशानी होती तो दोनों आपस में चर्चा करतीं और सवाल का हल मिलकर तलाशतीं.
एक-दूसरे की साथी भी और शिक्षक भी
दोनों बहनों की तैयारी की सबसे खास बात उनका आपसी सहयोग रहा. जिस विषय को एक बहन बेहतर तरीके से समझती, वह दूसरी को समझाती. इस तरह पढ़ाई के दौरान दोनों एक-दूसरे की साथी के साथ-साथ शिक्षक की भूमिका भी निभाती रहीं.
दोनों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा जरूर थी, लेकिन एक-दूसरे को पीछे छोड़ना उनका लक्ष्य नहीं था. उनका फोकस कठिन टॉपिक को साथ बैठकर समझने और लगातार तैयारी करते रहने पर रहा.
एक को JRF, दूसरी ने अगली परीक्षा की तैयारी शुरू की
शनाया के CSIR-NET में 92वीं ऑल इंडिया रैंक के साथ JRF हासिल करने पर परिवार में खुशी का माहौल है. वहीं शोनाया भी NET क्वालीफाई करने के बाद JRF हासिल करने के लक्ष्य के साथ आगे की तैयारी में जुट गयी हैं. उन्होंने अगली परीक्षा का फॉर्म भी भर दिया है. शोनाया असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी के लिए भी पात्रता हासिल कर चुकी हैं.
दोनों बहनों का लक्ष्य आगे पीएचडी और रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ना है. JRF हासिल करने वाली शनाया के लिए अब शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता खुला है.
लेखक-पत्रकार पिता ने घर में बनाया पढ़ाई का माहौल
दोनों बहनों के पिता कौशलेंद्र झा लेखक और स्थानीय पत्रकार हैं. वे राजनीति विज्ञान से पोस्ट ग्रेजुएट हैं और लेखन के साथ कृषि कार्य से भी जुड़े हैं. उन्होंने मीनापुर और स्थानीय इतिहास से जुड़े विषयों पर कई पुस्तकें लिखी हैं.
मां कल्पना देवी गृहिणी हैं. परिवार में बच्चों की शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गयी. दोनों बहनों के बड़े भाई शौनित निशांत ने भी MBA किया है और वह भी NET क्वालीफाई कर चुके हैं. ऐसे में परिवार में पढ़ाई और उच्च शिक्षा का माहौल शुरू से रहा है.
CSIR-NET पास करने से क्या मिलता है?
CSIR-UGC NET परीक्षा विज्ञान, इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में उच्च शिक्षा और शोध के लिए महत्वपूर्ण परीक्षा है. इसके जरिए JRF, सहायक प्रोफेसर के लिए पात्रता और पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की जा सकती है. परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी और जियोलॉजी सहित विज्ञान के विभिन्न विषय शामिल होते हैं.
