कचरा प्रसंस्करण केंद्र: कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री ई. अजीत कुमार के सतत प्रयासों से मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को आधुनिक स्वरूप मिलने जा रहा है. नगर निगम प्रशासन ने रौतिनिया में 50 टन प्रतिदिन (टीपीडी) क्षमता वाले मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र के निर्माण के लिए विधिवत वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है. इस प्लांट के चालू होने से सूखे कचरे के वैज्ञानिक संग्रहण, छंटाई और रीसाइक्लिंग की स्थायी सुविधा विकसित होगी. विधायक ने स्पष्ट किया कि एक पखवारे (15 दिनों) के भीतर इस महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास संपन्न होगा.
पटना की एजेंसी को 6 माह में पूरा करना होगा काम
नगर निगम की स्वच्छता शाखा ने तकनीकी व वित्तीय मूल्यांकन के बाद निर्माण का जिम्मा एजेंसी को सौंप दिया है:
- कार्यकारी एजेंसी: मेसर्स हर्ष एंगिकॉन प्राइवेट लिमिटेड, पटना को कार्यादेश निर्गत किया गया है.
- परियोजना लागत: इस केंद्र के निर्माण के लिए 9 करोड़ 71 लाख 33 हजार 440.84 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
- निविदा दर: एजेंसी ने अनुसूचित दर से 11.27 प्रतिशत कम दर (बिलो) पर कार्य हासिल किया है.
- समय सीमा: वर्क ऑर्डर जारी होने की तिथि से ठीक छह महीने के अंदर संयंत्र का निर्माण पूरा कर क्रियान्वित करना अनिवार्य होगा.
गुणवत्ता के कड़े मानक तय, लैब से होगी सामग्री की जांच
नगर निगम ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता और मजबूती बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- सामग्री की लैब टेस्टिंग: कार्य में उपयोग होने वाले बालू, सीमेंट, ईंट और मेटल की गुणवत्ता मान्यता प्राप्त लैब से प्रमाणित करानी होगी.
- उच्च स्तरीय सरिया: संरचनात्मक मजबूती के लिए न्यूनतम टीएमटी एफई-500 ग्रेड की छड़ का ही उपयोग मान्य होगा.
- क्रशिंग स्ट्रेंथ जांच: पीसीसी और आरसीसी कार्यों में क्यूब कास्टिंग कराकर निर्धारित समयावधि पर क्रशिंग स्ट्रेंथ की जांच अनिवार्य होगी.
- सुरक्षित भंडारण: निर्माण सामग्री, भारी उपकरणों और कचरा उठाव वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए सुरक्षित यार्ड तैयार किया जाएगा.
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