मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा वालों की बल्ले-बल्ले, 82.5 KM लंबी फोरलेन की मंजूरी, 3590 करोड़ होंगे खर्च

मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक सड़क अब फोरलेन होगी. 3590.73 करोड़ रुपये की परियोजना को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है. सड़क बनने से नेपाल सीमा तक सफर आसान होने के साथ उत्तर बिहार में व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

मुजफ्फरपुर-सोनबरसा फोरलेन: उत्तर बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली बड़ी परियोजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक मौजूदा टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने की स्वीकृति दी गयी. 82.578 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सड़क के फोरलेन होने से मुजफ्फरपुर से नेपाल सीमा तक आवागमन आसान होने के साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है.

सांसद की पहल के बाद मिली मंजूरी

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग पर लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को देखते हुए सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर सड़क को फोरलेन करने का आग्रह किया था. इसके बाद परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष भेजा गया. अब कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद उत्तर बिहार के इस महत्वपूर्ण मार्ग के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है.

80 से 100 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड

परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (एचएएम) के तहत होगा. 82.578 किलोमीटर सड़क को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार विकसित किया जाएगा. सड़क के बीच बने मेडियन में समतल खुला कट नहीं रखा जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रहने की उम्मीद है.

बनेंगे सात बड़े पुल और तीन आरओबी

फोरलेन परियोजना के तहत सात प्रमुख पुलों का निर्माण होगा. इनमें बारहमासी बागमती नदी पर 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है. इसके अलावा तीन रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे. 1170 मीटर और 270 मीटर लंबे दो बड़े फ्लाईओवर भी प्रस्तावित हैं. इन संरचनाओं से जाम कम करने और यात्रा समय घटाने में मदद मिलेगी.

यह भी पढे़ं:

सीतामढ़ी में कार खोली तो दंग रह गयी पुलिस, अंदर मिले 340 किलो गांजे के पैकेट

सोनबरसा से नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत

फोरलेन सड़क सोनबरसा स्थित भारत-नेपाल सीमा को एनएच-27 यानी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जोड़ेगी. मुजफ्फरपुर, मकसूदपुर, रुन्नीसैदपुर, थुम्मा, डुमरा, भूतही और सोनबरसा जैसे प्रमुख बाजारों में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है. मालवाहक वाहनों की आवाजाही सुगम होने से कृषि उत्पादों और अन्य सामान की आपूर्ति भी तेज होगी.

उद्योग और पर्यटन को मिलेगा फायदा

नई सड़क से पीएम गति-शक्ति के तहत आने वाले चार इंडस्ट्रियल एस्टेट और एक मेगा फूड पार्क को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा. बाबा गरीबनाथ मंदिर और पुनौरा धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी. मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के लॉजिस्टिक्स केंद्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने पर व्यापार, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें:

मुजफ्फरपुर जंक्शन के पार्सल ऑफिस की छत गिरी, रेलकर्मी बाल-बाल बचा, कंप्यूटर-मोबाइल टूटे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >