मुजफ्फरपुर: वायु प्रदूषण पर नियंत्रण और शहर की आबोहवा को बेहतर बनाने के लिए मुजफ्फरपुर का चयन नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (NCAP) के तहत किया गया है. बिहार से इस महत्वाकांक्षी योजना में केवल पटना, गया और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है. योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुजफ्फरपुर को करीब 24 करोड़ रुपये तक का फंड मिलने की संभावना है.
मुख्य सचिव स्तर पर होगी अहम बैठक
शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए बनाई गई कार्ययोजना पर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी (AQMC) की बैठक मुख्य सचिव स्तर पर आयोजित की जा रही है. इस बैठक में फंड आवंटन और प्रदूषण नियंत्रण की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.
योजना के तहत धूल-कण कम करने के उपाय, हरित क्षेत्र (ग्रीन बेल्ट) का विकास, सड़कों की यांत्रिक सफाई, कचरा प्रबंधन और अन्य पर्यावरणीय सुधार कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी.
शहर के तीन वार्ड बनेंगे मॉडल
नगर निगम क्षेत्र में योजना को लागू करने के लिए वार्डों के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है. सिटी और वार्ड स्तर पर स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है.
बेहतर प्रदर्शन के आधार पर वार्ड नंबर 21 को पहले ही मॉडल वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है. अब वार्ड नंबर 11 और वार्ड नंबर 20 को भी मॉडल वार्ड बनाने की तैयारी है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इन दोनों वार्डों के लिए विशेष फंड का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है.
इन इलाकों को मिलेगा सीधा लाभ
वार्ड नंबर 21 में प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम स्थित है. वहीं वार्ड नंबर 20 में सूतापट्टी, सरैयागंज टावर, लहठी मंडी और इस्लामपुर जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र आते हैं. इसके अलावा वार्ड नंबर 11 में कमिश्नर कार्यालय, डीएम कार्यालय, नगर निगम, कोर्ट परिसर और रेलवे स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सरकारी संस्थान स्थित हैं.
हवा की गुणवत्ता सुधारने पर रहेगा फोकस
योजना लागू होने के बाद मुजफ्फरपुर के एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार लाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही मॉडल वार्डों के माध्यम से पूरे शहर में स्वच्छ और टिकाऊ पर्यावरण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: 19 माह में चालू होगा गोबरसही आरओबी, रामदयालु-चांदनी चौक होगा सिक्स लेन, इमली चौक- मिठनपुरा टू लेन
