Muzaffarpur: यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़, चलती ट्रेन में जहरीले सांप को यात्रियों के पास रख दिया

Muzaffarpur: चलती ट्रेन में काफी देर तक अजीबो-गरीब स्थिति बनी रही. मामला गाड़ी संख्या- 15270 साबरमती-मुजफ्फरपुर जनसाधारण एक्सप्रेस का है. जिसमें मुजफ्फरपुर आने के लिये अधिकांश यात्री सवार थे.

Muzaffarpur: चलती ट्रेन में सपेरे ने जहरीले सांप को लेकर यात्रियों के सीट के पास रख दिया. उसके बाद धुन बजाने लगता है. ट्रेन में टोकरी से सांप बाहर आते देख अचानक से कोच में सफर कर रहे यात्री सहम गये. चलती ट्रेन में काफी देर तक अजीबो-गरीब स्थिति बनी रही. मामला गाड़ी संख्या- 15270 साबरमती-मुजफ्फरपुर जनसाधारण एक्सप्रेस का है. जिसमें मुजफ्फरपुर आने के लिये अधिकांश यात्री सवार थे. यूपी के उन्नाव व सोनिक के बीच कोच में सांप दिखा कर जबरन सपेरा पैसा मांगने लगा. कोच के यात्री काफी डर गये. जिसके बाद शुभा दीक्षित नाम की महिला यात्री ने सपेरा और सांप की तस्वीर और वीडियो के साथ रेलमदद व रेलवे के अधिकारियों से शिकायत की. जिसके बाद रेल पुलिस व रेलवे के अधिकारियों की हलचल तेज हुई है.

आरपीएफ लखनऊ ने की कार्रवाई

मामले में चलती ट्रेन में सांप दिखने की सूचना पर तत्काल आरपीएफ लखनऊ डिवीजन की ओर से संज्ञान लिया गया. आरपीएफ लखनऊ व उन्नाव के आरपीएफ को तत्काल कार्रवाई के लिये निर्देश दिया गया. वहीं लखनऊ में संबंधित व अन्य कोच में छानबीन की गयी. वहीं बताया गया कि इस तरह के गिरोह को पकड़ने के लिये लगातार कार्रवाई की जा रही है. बता दें कि सांप का नाम आते ही मन में डर और भय होने लगता है.

यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़

कभी-कभी ज्यादातर लोगों की जान सांप के काटने से नहीं, डर के कारण हार्ड अटैक से होती है. ऐसे में ट्रेन में इस तरह की स्थिति यात्रियों के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है. ट्रेन में कुछ सपेरे लोगों को डरा धमकाकर पैसा वसूल रहे हैं. इससे पहले बिहार सहित अन्य राज्यों में भी इस तरह का मामला सामने आया है. जहां इस तरह की स्थिति पर लोग जल्दी से पैसा दे देते है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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