Muzaffarpur Road Accident: मुजफ्फरपुर जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में एक बड़ा सकारात्मक सुधार देखने को मिला है. वर्ष 2025 और 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) की तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटनाओं, मौतों और घायलों की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है. वर्ष 2025 की पहली छमाही में जहां 368 सड़क हादसे हुए थे, वहीं 2026 की समान अवधि में यह संख्या घटकर 346 पर आ गई, जो 5.98% की कमी दर्शाती है.
Bihar Road Safety News: मृतकों और घायलों की संख्या में बड़ी राहत
सांसद सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के मुताबिक हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में भी भारी कमी आई है. वर्ष 2025 की पहली छमाही में 312 लोगों की जान गई थी, जबकि 2026 में यह आंकड़ा घटकर 271 रह गया. इस तरह मौतों की संख्या में 41 की कमी (13.14%) दर्ज की गई. वहीं घायलों की संख्या भी 175 से घटकर 147 (16% की कमी) पर आ गई. जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) प्रियंका सिन्हा ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर एनएच और मुख्य सड़कों पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिससे एनएच पर अब 95 फीसदी बाइक सवार हेलमेट पहन रहे हैं.
ब्लैक स्पॉट्स का निवारण और ब्रेकर का निर्माण बना मददगार
हादसों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग ने कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं. एनएच से जुड़ने वाली ग्रामीण सड़कों के मुहाने पर तीन से चार ब्रेकर बनाए गए हैं ताकि गाड़ियां धीमी होकर मुख्य सड़क पर आएं. इसके अलावा सीआरपीएफ कैंप और सुधा डेयरी जैसे दुर्घटना प्रवण क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान कर वहां रंबल स्ट्रिप लगाए गए हैं. शहर और एनएच के 15 नए स्थानों पर हाई-स्पीड कैमरे लगाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है.
नियम तोड़ने वालों पर नकेल, दो दर्जन से अधिक DL रद्द
सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बालिग, नाबालिग चालकों और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है. जिले में अब तक नियम तोड़ने पर दो दर्जन से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) रद्द और करीब 900 डीएल निलंबित किए जा चुके हैं. ओवरस्पीडिंग और बार-बार गलती करने वालों पर ऑनलाइन चालान के साथ सख्त कार्रवाई जारी है.
मासिक आंकड़े 2025 और 2026 की समान अवधि
- जनवरी : दुर्घटनाएं 39 से बढ़कर 57, मृत्यु 30 से 45 और घायल 15 से 21 हुए.
- फरवरी : दुर्घटनाएं 56 से घटकर 42, मृत्यु 51 से 34 तथा घायल 23 से 17 रहे.
- मार्च : दुर्घटनाएं 73 से घटकर 54, मृत्यु 66 से 50 और घायल 55 से घटकर 35 हुए.
- अप्रैल : दुर्घटनाएं 53 से घटकर 52, मृत्यु 45 से 39 तथा घायल 18 से बढ़कर 21 दर्ज किए गए.
- मई : दुर्घटनाएं 76 से घटकर 65, मृत्यु 65 से 49 और घायल 30 से 31 हुए.
- जून : दुर्घटनाएं 71 से घटकर 66, मृत्यु 55 से 54 और घायल 34 से 22 दर्ज किए गए.
हादसों में कमी लाने के प्रमुख उपाय:
- ब्लैक स्पॉट्स का निवारण: दुर्घटना प्रवण क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधार किया गया. उदाहरण के लिए, सीआरपीएफ कैंप और सुधा डेयरी के पास गति नियंत्रित करने के लिए रंबल स्ट्रिप्स लगाए गए.
- ग्रामीण सड़कों के मोड़ पर ब्रेकर: एनएच से सीधे जुड़ने वाली ग्रामीण सड़कों के मोड़ पर आधे से एक फीट की दूरी पर 3-4 स्पीड ब्रेकर बनाए गए, जिससे वाहनों की गति मुख्य सड़क पर आने से पहले धीमी हो सके.
- लाइसेंस रद्द एवं निलंबन की कार्रवाई: बालिग/नाबालिग चालकों तथा गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की गई. जिले में अब तक 24 से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस (DL) रद्द और करीब 900 DL निलंबित किए गए.
- ई-चालान और ओवरस्पीडिंग पर नकेल: ओवरस्पीड वाहनों का चालान काटने के साथ-साथ बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई.
- औचक निरीक्षण: एनएच (NH) पर परिवहन विभाग द्वारा लगातार औचक जांच अभियान चलाया गया.
- साइनबोर्ड व गति नियंत्रण संरचनाएं: मुख्य सड़कों से जुड़ने वाले जंक्शनों पर स्पीड लिमिट के साइनबोर्ड, गतिरोधक और गति नियंत्रण संरचनाएं स्थापित की गईं.
- सुरक्षा जागरूकता अभियान: सड़क सुरक्षा से संबंधित व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया.
