मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत करजा थाना क्षेत्र के चैनपुर गांव से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है.यहां खेत जाने के दौरान में 11 साल की बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई.पैर फिसलने के कारण गिरने के दौरान बच्ची के हाथ में मौजूद धारदार हंसुआ नाक और आंख के चेहरे को चीरता हुआ अंदर तक घुस गया.इस वीभत्स घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई.खून से लथपथ बच्ची को आनन-फानन में एसकेएमसीएच (SKMCH) अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने चमत्कारिक सर्जरी कर उसकी जान बचा ली.
चेहरे के बाएं हिस्से से घुसकर दाहिनी आंख तक पहुंच गया था धारदार हंसुआ
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के अनुसार, हंसुआ बच्ची के चेहरे के बाएं हिस्से को चीरते हुए अंदर प्रवेश कर गया था और उसका नुकीला हिस्सा दाहिनी आंख के बेहद करीब तक चला गया था.स्थिति इतनी भयावह और संवेदनशील थी कि थोड़ी सी भी चूक या हंसुए की मामूली हलचल बच्ची के दिमाग की नसों को काट सकती थी, जो तत्काल जानलेवा साबित होता.
ईएनटी और सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने घंटों किया जटिल ऑपरेशन
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने बिना वक्त गंवाए आपातकालीन स्थिति में ईएनटी (ENT) और सर्जरी विभाग की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया.कई घंटों तक चली इस बेहद जटिल और संवेदनशील न्यूरो-फेसियल सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने हंसुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची को गहन निगरानी के लिए आईसीयू (ICU) में शिफ्ट किया गया है, जहां उसकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर और सामान्य बनी हुई है.
इन डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने बचाई मासूम की जान
इस बेहद मुश्किल और कामयाब ऑपरेशन को ईएनटी विभाग के डॉ. नॉलेश बच्चन के नेतृत्व में अंजाम दिया गया.वहीं, सर्जरी विभाग के डॉ. मनीष कुमार और डॉ. ललन कुमार ने इस ऑपरेशन में मुख्य भूमिका निभाई.ऑपरेशन के दौरान ईएनटी विभाग की इंचार्ज अनुप्रिया, सिस्टर रुचि कुमारी, सोनी कुमारी, अनुपमा कुमारी तथा टेक्नीशियन सत्यप्रकाश और राजा कुमार सहित पूरा मेडिकल स्टाफ मुस्तैद रहा.डॉक्टरों ने कहा कि परिजनों द्वारा बिना समय गंवाए बच्ची को सही वक्त पर अस्पताल पहुंचाना बेहद टर्निंग पॉइंट रहा.
