Muzaffarpur News:बिहार की विश्वप्रसिद्ध शाही लीची को देश के विभिन्न बड़े बाजारों में भेजने के अभियान के बीच बुधवार को मुजफ्फरपुर जंक्शन पर व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. जंक्शन पर तय टारगेट के अनुसार लीची की आवक नहीं होने के कारण रेलवे प्रशासन ने पार्सल वैन (वीपी) को कैंसिल कर दिया. इस फैसले के बाद जंक्शन पर व्यापारियों ने जमकर हो-हल्ला और हंगामा किया.
24 टन की क्षमता, पहुंची महज 4 टन लीची
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, एक पार्सल वैन (वीपी) की कुल क्षमता 24 टन की होती है. बुधवार को बाहर भेजने के लिए जंक्शन पर महज 4 टन लीची ही पहुंच पाई. इतनी कम मात्रा में लीची होने के कारण रेलवे ने पूरी पार्सल वैन को रवाना करना व्यावहारिक नहीं समझा और उसे कैंसिल कर दिया. वीपी कैंसिल होने की खबर मिलते ही व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जंक्शन पर ही विरोध जताना शुरू कर दिया.
रेलवे ने निकाला बीच का रास्ता, पवन एक्सप्रेस से भेजी खेप
व्यापारियों के हंगामे और लीची के खराब होने की आशंका को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बीच का रास्ता निकाला. अधिकारियों ने त्वरित निर्णय लेते हुए व्यापारियों की इस 4 टन लीची को जंक्शन पर खड़ी पवन एक्सप्रेस के एसएलआर (SLR) कोच में लोड करवाया और गंतव्य के लिए रवाना किया. इसके बाद जाकर व्यापारियों का गुस्सा शांत हुआ.
एक दिन पहले भेजी गई थी 10 टन लीची
बता दें कि जंक्शन पर स्थिति काफी बेहतर थी. मंगलवार को करीब 10 टन लीची पार्सल वैन के जरिए देश के अन्य बाजारों में सुरक्षित भेजी गई थी. लेकिन बुधवार को अचानक आवक घटने से रेलवे को पार्सल वैन कैंसिल करने का सख्त कदम उठाना पड़ा, जिससे कुछ देर के लिए जंक्शन पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.
