Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में शराब माफियाओं के खिलाफ उत्पाद विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. उत्पाद विभाग ने अहियापुर थाना क्षेत्र के जमालाबाद गांव (वार्ड नंबर 07) में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर चल रही एक नकली विदेशी शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. तस्करों ने गांव से करीब एक किलोमीटर दूर खलिहान में एक झोपड़ीनुमा घर बनाकर इस अवैध कारोबार का पूरा सेटअप तैयार कर रखा था. इस कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से भारी मात्रा में विदेशी शराब और रिफिलिंग के उपकरण बरामद किए हैं. हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही सभी धंधेबाज मौके से फरार होने में कामयाब रहे.
1298 लीटर शराब जब्त, महंगे ब्रांड्स की बोतलों में होती थी रीपैकेजिंग
उत्पाद थानेदार दीपक कुमार सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर एएसआई नीरज कुमार के नेतृत्व में यह विशेष कार्रवाई की गई है. मौके से चंडीगढ़ निर्मित ब्लू स्ट्रोक ब्रांड की 31 कार्टन और भूटान निर्मित पैब्लो प्रीमियम व्हिस्की की अलग-अलग साइज (750ML, 375ML और 180ML) की कुल 115 कार्टन शराब जब्त की गई है. कुल मिलाकर 1298 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई है. इसके साथ ही विभिन्न महंगे ब्रांड्स जैसे रॉयल चैलेंज, मैकडॉल, सिग्नेचर और ब्लूस्टॉक की करीब 13 हजार खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन और फर्जी बारकोड भी जब्त किए गए हैं.
स्पिरिट महंगी हुई तो अपनाया नया पैंतरा, बंगाल के रास्ते आती थी खेप
पूछताछ और जांच में सामने आया है कि बाजार में स्पिरिट की बढ़ती कीमत और उसकी किल्लत के कारण शराब माफियाओं ने ठगी का यह नया तरीका निकाला था. धंधेबाज भूटान और चंडीगढ़ से बेहद सस्ते दामों पर शराब मंगवाते थे. भूटान से बंगाल के रास्ते सड़क मार्ग के जरिए इस खेप को मुजफ्फरपुर के जमालाबाद लाया जाता था. इसके बाद इस सस्ती शराब को नामी और महंगे ब्रांड्स की बोतलों में रिफिल कर ऊंचे दामों पर बिहार के बाजारों में सप्लाई किया जाता था. यह अवैध धंधा पिछले करीब दो महीनों से धड़ल्ले से चल रहा था.
जमीन मालिक समेत दो धंधेबाज चिह्नित, प्राथमिकी दर्ज
उत्पाद विभाग के अनुसार, यह पूरी फैक्ट्री लखपत पासवान नाम के व्यक्ति की जमीन पर चल रही थी. इस खेल में शामिल दो मुख्य शराब तस्करों की पहचान सुशील झा और निखिल पटेल के रूप में की गई है. विभाग ने जमीन मालिक और दोनों धंधेबाजों समेत फरार आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में अभियोग दर्ज कर लिया है. फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम इन फरार माफियाओं की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
