Muzaffarpur News: तिरहुत प्रमंडल में 3212 निजी विद्यालयों की जांच, 310 स्कूलों को नोटिस

Muzaffarpur News: तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह के निर्देश पर 3212 निजी स्कूलों की जांच की गई, जिसमें से 310 को नोटिस जारी हुआ है. सुनवाई में न आने वाले 5 स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. जानिए खबर विस्तार से…

Muzaffarpur News: तिरहुत प्रमंडल के निजी विद्यालयों में मनमाने ढंग से फीस वृद्धि और अन्य शुल्कों की वसूली पर रोक लगाने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है. “बिहार निजी विद्यालय शुल्क विनियमन अधिनियम, 2019” का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराने के लिए प्रेस वार्ता में आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों का हित सर्वोपरि है और निजी विद्यालयों की शुल्क संरचना में पारदर्शिता लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

अभिभावकों की शिकायतों पर बड़ा एक्शन

विभिन्न माध्यमों और अभिभावकों से मिली शिकायतों (जैसे मनमानी फीस वृद्धि, परिवहन शुल्क में बढ़ोतरी और किसी विशेष दुकान से ही पुस्तक व ड्रेस खरीदने की बाध्यता) के बाद आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइओ) के साथ समीक्षा बैठक की थी. इसके बाद प्रमंडल के कुल 3212 निजी विद्यालयों की विस्तृत जांच की गई. जांच में वर्ष 2025-26 और 2026-27 की फीस संरचना, ड्रेस-पुस्तकों की कीमतों और परिवहन शुल्क आदि का विश्लेषण किया गया. नियमों का उल्लंघन करने पर प्रमंडल के 310 स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है. इनमें सबसे अधिक 72 विद्यालय पश्चिम चंपारण जिले के हैं, जिनकी सुनवाई आयुक्त कार्यालय में की गई.

अतिरिक्त राशि वापस करने के निर्देश, व्यावसायिक रूप से नहीं चलेंगे स्कूल

सुनवाई के दौरान अधिकांश स्कूलों ने माना कि फीस बढ़ाई गई थी. हालांकि, कइयों ने बढ़ी फीस को वापस कम करते हुए संशोधित शुल्क संरचना को स्कूल के नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर डाल दिया है. आयुक्त ने सख्त निर्देश दिया है कि जिन विद्यालयों ने तय सीमा से अधिक फीस ली है, वे अभिभावकों को अतिरिक्त राशि वापस करें या अगले महीने की फीस में समायोजित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों को व्यावसायिक संस्थान के रूप में चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

अनुपस्थित रहने वाले पांच स्कूलों पर 1-1 लाख का जुर्माना

सुनवाई से गायब रहने और लिखित जवाब न देने वाले पश्चिम चंपारण के पांच स्कूलों पर अधिनियम की धाराओं के तहत 1-1 लाख रुपये का अर्थदंड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इनमें मुख्य रूप से संत करेंस विद्यालय (बेतिया), संत थॉमस स्कूल (चनपटिया), और सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल (नौतन) शामिल हैं. इन्हें अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का आदेश मिला है. आयुक्त ने इस कार्रवाई के लिए पश्चिम चंपारण के डीएम और डीईओ के कार्यों की सराहना की. प्रमंडलीय आयुक्त ने अधिनियम के तहत स्कूलों को सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा है और अभिभावकों से अपील की है कि उल्लंघन होने पर तुरंत डीईओ को शिकायत दें.

मुजफ्फरपुर से कुमार गौरव की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

Purushottam Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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