मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट
MuzaffarPur News: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना प्रशासनिक सुस्ती और तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ती नजर आ रही है. मुजफ्फरपुर जिले के करीब तीन हजार और पूरे राज्य में 51 हजार छात्र-छात्राओं के शिक्षा ऋण (लोन) की स्वीकृति तो मिल चुकी है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी राशि संबंधित कॉलेजों के बैंक खातों में नहीं भेजी गई है. फंड के अभाव में कॉलेजों ने कई छात्रों का नामांकन स्थगित कर दिया है, वहीं पहले से पढ़ रहे छात्रों पर अगले सेमेस्टर की फीस के लिए दबाव बनाया जा रहा है. परेशान छात्र और अभिभावक जिला निबंधन व परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के चक्कर काटने को मजबूर हैं.
लक्ष्य से 140 फीसदी अधिक आवेदन स्वीकृत, पर राशि अटकी
वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुजफ्फरपुर जिले में 5250 छात्र-छात्राओं को शिक्षा ऋण देने का लक्ष्य रखा गया था. इसके एवज में डीआरसीसी को कुल 7367 आवेदन प्राप्त हुए. लक्ष्य के अनुसार 5250 आवेदन स्वीकृत भी कर लिए गए, लेकिन कॉलेजों को भुगतान नहीं हुआ. समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, बैंकों और नोडल एजेंसी के स्तर पर फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया अटकी हुई है. अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी और तकनीकी गड़बड़ियों को इस देरी की मुख्य वजह माना जा रहा है.
दो महीने से सर्वर डाउन, प्रबंधक ने दिया आश्वासन
आंकड़ों के मुताबिक, साल 2018 से 2025 तक जिले में स्वीकृत किए गए आवेदनों में से भी करीब चार हजार छात्रों को अब तक राशि नहीं मिल सकी है. इस मामले पर डीआरसीसी के प्रबंधक मनोज प्रधान ने बताया कि जिला स्तर से आवेदनों को स्वीकृत कर वित्त विभाग को भेज दिया गया है. पिछले दो महीनों से राज्य स्तर पर सर्वर काम नहीं कर रहा है, जिससे फंड ट्रांसफर में दिक्कत आ रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस तकनीकी समस्या का समाधान कर लिया जाएगा.
