मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में बर्न वार्ड की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है. अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण यहां आग से गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का इलाज करकट से बने एक तंग कमरे में किया जा रहा है. रिकॉर्ड तोड़ रही भीषण गर्मी और उमस के बीच इस वार्ड में न तो समुचित कूलिंग की कोई व्यवस्था की गई है और न ही लगे हुए पंखे सही ढंग से काम कर रहे हैं. ऐसे में बेबश मरीजों को दर्द के साथ-साथ भीषण गर्मी की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.
प्रसाद हॉस्पिटल अग्निकांड के पीड़ितों को जनरल वार्ड में किया भर्ती
यह बदहाली हाल ही में ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद खुलकर सामने आई है. हादसे में झुलसे मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज के लिए एसकेएमसीएच लाया गया था, लेकिन बर्न वार्ड में बेड और पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई गंभीर घायलों को मजबूरी में जनरल वार्ड में भर्ती करना पड़ा. इन पीड़ितों में साहेबगंज थाना क्षेत्र के विशनपुर कल्याणी गांव निवासी संजीत कुमार भी शामिल हैं, जिन्हें बर्न वार्ड के बजाय सामान्य वार्ड में रखकर इलाज दिया जा रहा है.
कड़े इंतजामों की जगह अव्यवस्था, परिजनों ने उठाई सुधार की मांग
मरीजों के परिजनों का आरोप है कि आग से झुलसे लोगों के घावों को इंफेक्शन से बचाने के लिए विशेष देखभाल और वातानुकूलित (एसी) या नियंत्रित तापमान की सख्त आवश्यकता होती है. इसके उलट अस्पताल के इस करकट वाले वार्ड में आग उबल रही है, जिससे मरीजों की तड़प और परेशानी कई गुना बढ़ गई है. पीड़ित परिवारों ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग से बर्न वार्ड की सुविधाओं में अविलंब सुधार करने, पर्याप्त कूलिंग व एसी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा घायलों के लिए उच्च स्तरीय इलाज की गुहार लगाई है.
