Muzaffarpur: बिना नक्शा पास कराए बना प्रसाद हॉस्पिटल, कभी भी चल सकता है नगर निगम का बुलडोजर

Muzaffarpur News: प्रसाद हॉस्पिटल में कल हुई अगलगी की घटना के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. कमिश्नर के आदेश पर हुई जांच में अस्पताल का कोई नक्शा नहीं मिला, जिसके बाद अब पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त करने की तैयारी है.पढ़े पूरी खबर...

मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिला के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार आईसीयू वार्ड में हुई भीषण अगलगी की घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. इस हादसे के तुरंत बाद तिरहुत कमिश्नर के आदेश पर शुक्रवार को नगर निगम की प्रशासनिक और टेक्निकल टीम ने अस्पताल परिसर में दिनभर सघन जांच-पड़ताल की जिसके बाद प्रसाद हॉस्पिटल को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. अस्पताल की पूरी बिल्डिंग का निर्माण नगर निगम से बिना नक्शा स्वीकृत कराए ही धड़ल्ले से कर दिया गया. तिरहुत कमिश्नर एवं जिला प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद शुक्रवार को नगर निगम की प्रशासनिक और टेक्निकल टीम पूरे दिन अस्पताल परिसर में जांच-पड़ताल में जुटी रही. जांच के दौरान जब अस्पताल प्रबंधन से स्वीकृत नक्शे की मांग की गई, तो वे एक कागज तक उपलब्ध नहीं करा सके. हद तो यह है कि खुद नगर निगम कार्यालय के रिकॉर्ड में भी इस अस्पताल के निर्माण से संबंधित कोई नक्शा कभी जमा ही नहीं किया गया था.

बायलॉज की धज्जियां उड़ाकर पीछे भी तान दी अवैध इमारत

नगर आयुक्त ने इस पूरे फर्जीवाड़े की गहराई से जांच के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और इंजीनियरों की एक संयुक्त टीम का गठन किया है, जो जिला प्रशासन की टीम के साथ मिलकर काम कर रही है. जांच में पता चला है कि अस्पताल की सभी बिल्डिंग्स नियमों के पूरी तरह विपरीत बनी हैं. शुरुआत में केवल आगे वाले हिस्से की बिल्डिंग का निर्माण किया गया था. बाद में नियमों को ताक पर रखकर पीछे की तरफ भी अस्पताल का बड़ा विस्तार कर लिया गया. इस नए विस्तार का भी नगर निगम से कोई नक्शा पास नहीं कराया गया था.


लोन लेने के लिए पटना के आर्किटेक्ट से पास कराया था ‘फर्जी’ नक्शा !

निगम की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि अस्पताल की इस बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 2009 से 2013 के बीच हुआ था. उस वक्त नगर विकास एवं आवास विभाग से पंजीकृत आर्किटेक्ट्स को ही नक्शा पास करने का अधिकार मिला हुआ था. अस्पताल प्रबंधन ने बैंक से लोन लेने के लिए पटना के एक आर्किटेक्ट से कोई नक्शा स्वीकृत तो कराया, लेकिन वह नक्शा सिर्फ बैंक को दिखाने और लोन ऐंठने तक ही सीमित रहा. असल निर्माण में बिल्डिंग बायलॉज (भवन उपनियमों) की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं. जब नियमों के विपरीत निर्माण होने लगा, तो उक्त आर्किटेक्ट ने दोबारा उसे स्वीकृत करने से साफ मना कर दिया था.


अगलगी की घटनाओं के बाद मंडराया खतरा, टूटेगी बिल्डिंग

अस्पताल के आईसीयू वार्ड में हुई अगलगी की घटनाओं के बाद प्रशासन अवैध और बिना सुरक्षा मानकों वाली इमारतों को लेकर बेहद गंभीर है. प्रसाद हॉस्पिटल में न तो वेंटिलेशन और न ही फायर सेफ्टी के मानकों का ख्याल रखा गया है. निगम के गलियारों में चर्चाएं तेज हैं कि अगर जांच रिपोर्ट में बिल्डिंग बायलॉज का उल्लंघन पूरी तरह साबित होता है, तो नगर निगम सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल को तत्काल सील कर सकता है. साथ ही, इस अवैध रूप से खड़ी की गई पूरी बिल्डिंग को ढहाने (बुलडोजर चलाने) का आदेश भी जारी किया जा सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: SUMIT KUMAR

सुमित पत्रकारिता में पिछले 4 वर्षों से सक्रिय। प्रभात खबर के प्रिंट मीडिया के साथ काम करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम से जुड़े हुए हैं। क्राइम, हाईपरलोकल, स्वास्थ्य विभाग व राजनीतिक रिपोर्टिंग में विशेष रुचि और अनुभव रखते हैं। क्षेत्रीय मुद्दों और जनसरोकार की खबरों को सशक्त तरीके से उठाने के लिए जाने जाते हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >