मुजफ्फरपुर के कांटी से मनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र अंतर्गत लसकरीपुर पंचायत के छपरा धरमपुर यदु गांव में सोमवार को उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब छत्तीसगढ़ कमाने गए एक मजदूर का शव एंबुलेंस से गांव पहुंचा.मृतक की पहचान छपरा धरमपुर यदु निवासी गोनौर राम के 40 वर्षीय पुत्र राजेश राम के रूप में हुई है.राजेश की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.वहीं, पीड़ित परिवार ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं.
5000 एडवांस देकर ले गए और मारडालने का पत्नी ने लगाया आरोप
मृतक राजेश राम की पत्नी किरण देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पति राजमिस्त्री का काम करते थे.पिछले सप्ताह गांव का ही एक व्यक्ति उनके पति को ₹5000 एडवांस देकर काम कराने के लिए छत्तीसगढ़ ले गया था. पत्नी का आरोप है कि महज एक सप्ताह के भीतर ही उसके पति की हत्या कर दी गई और शव लेकर वे लोग घर आ गए.उन्होंने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार उनके पति को जान से मारने की धमकी दे चुका था.मृतक की मां ने बिलखते हुए बताया कि राजेश की मौत के बाद उसके पांच छोटे-छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं.
शव लेकर आए ग्रामीण का दावा- ‘शराब पीने से बिगड़ी थी तबीयत’
दूसरी तरफ, छत्तीसगढ़ से शव को एंबुलेंस के जरिए लेकर गांव पहुंचे ग्रामीण मनोज साह ने खुद को बेगुनाह बताते हुए हत्या के आरोपों को सिरे से खारिज किया है.उसने दावा किया कि राजेश की हत्या नहीं हुई है, बल्कि अत्यधिक शराब पीने के कारण उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.मनोज अपने साथ छत्तीसगढ़ पुलिस का आवेदन और वहां कराए गए पोस्टमार्टम की रसीद भी लेकर आया है.उसका कहना है कि अगर उसने हत्या की होती, तो वह कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम क्यों करवाता.वह राजेश को सेंट्रिंग के काम के लिए साथ ले गया था.
परिजनों ने घंटों रोकी एंबुलेंस, मुखिया-सरपंच और पुलिस के समझाने पर शांत हुआ मामला
मजदूर की संदिग्ध मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव लेकर आई एंबुलेंस को करीब चार से पांच घंटे तक रोके रखा और हंगामा किया.घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया इंद्रमोहन झा, सरपंच मोहन राय और कांटी थाना के अपर थानाध्यक्ष कुमार गौरव श्रीवास्तव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे.जनप्रतिनिधियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पोस्टमार्टम और प्राथमिकी की प्रक्रिया हो चुकी है, रिपोर्ट आने पर सच सामने आ जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.कांटी थानाध्यक्ष रविकांत पाठक ने बताया कि पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को दाह संस्कार के लिए भिजवाया.छत्तीसगढ़ पुलिस के दस्तावेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आगे की कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
