मुजफ्फरपुर: एमआइटी में इन-हाउस ट्रेनिंग शुरू, छात्रों को सिखाई जा रही रोबोटिक्स और 3D प्रिंटिंग

Muzaffarpur News: एमआइटी में चौथे सेमेस्टर के मैकेनिकल, बायोमेडिकल और रोबोटिक्स के छात्रों के लिए इन-हाउस व्यावहारिक ट्रेनिंग शुरू हुई है. सर्टिफिकेट के लिए 75% उपस्थिति और अंतिम टेस्ट में 50% अंक लाना अनिवार्य किया गया है. जानिए पूरी खबर…

मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) में चौथे सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) ट्रेनिंग सत्र की शुरुआत हो गई है. यह प्रशिक्षण मैकेनिकल इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है. संस्थान की इन-हाउस प्रयोगशालाओं में शुरू हुए इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्रों को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर तकनीकी रूप से पूरी तरह दक्ष बनाना है.

3-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक वेल्डिंग और मशीन लर्निंग जैसी एडवांस्ड तकनीकों की पढ़ाई

इस इन-हाउस ट्रेनिंग के तहत विद्यार्थियों को वर्तमान समय की अत्याधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है. प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा छात्रों को 3-डी प्रिंटिंग (3D Printing), सॉलिडवर्क्स, वायर ईडीएम, रोबोटिक वेल्डिंग, सीएनसी मशीनिंग और मशीन लर्निंग जैसी एडवांस्ड तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया और सिखाया जा रहा है. संस्थान का मानना है कि इन तकनीकों को सीखकर छात्र भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र की चुनौतियों के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकेंगे.

कड़े नियम लागू: उपस्थिति और अंतिम टेस्ट पास करना अनिवार्य

मैकेनिकल व बायोमेडिकल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्रशिक्षण से जुड़े कड़े नियमों की जानकारी साझा की है. उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि इस विशेष ट्रेनिंग सत्र को पूरा करने वाले केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, जिनकी ट्रेनिंग के दौरान न्यूनतम उपस्थिति 75 प्रतिशत होगी. इसके साथ ही प्रशिक्षण की समाप्ति पर आयोजित होने वाले अंतिम टेस्ट में छात्रों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा.

बदलते औद्योगिक परिदृश्य में किताबी ज्ञान काफी नहीं: प्राचार्य 

इस मौके पर एमआइटी के प्राचार्य डॉ. एमके झा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बदलते औद्योगिक परिदृश्य में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है. छात्रों को वैश्विक उद्योग की मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए यह एडवांस्ड और व्यावहारिक ट्रेनिंग बेहद जरूरी है. उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं से इस सुनहरे अवसर का पूरा लाभ उठाने की अपील की है.

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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