Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर प्रखंड मुख्यालय सभागार में शनिवार को नगर पंचायत की सशक्त स्थायी समिति (मेयर कैबिनेट) के गठन को लेकर हुआ चुनाव किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर से कम नहीं रहा. चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच संपन्न हुए इस चुनाव में भारी उलटफेर देखने को मिला. समिति के कुल तीन पदों के लिए हुए इस कड़े मुकाबले में दो सीटों पर प्रत्याशियों के वोट बिल्कुल बराबर (टाई) हो गए. इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्षता के लिए बाहर से एक मासूम बच्चे को बुलाकर पर्ची (लॉटरी) निकलवाई, जिसने प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला किया. इस पूरी प्रक्रिया के बाद अंततः अर्जुन कुमार गुप्ता, पूनम देवी और आमोद कुमार को निर्वाचित घोषित किया गया.
दो गुटों के बीच था सीधा और कड़ा मुकाबला
मीनापुर नगर पंचायत की इस मुख्य राजनीतिक जंग में सभी 18 वार्ड पार्षदों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने मताधिकार का प्रयोग किया. सशक्त स्थायी समिति के तीन पदों पर वर्चस्व कायम करने के लिए सदन के भीतर दो विरोधी गुटों की ओर से 3-3 यानी कुल 6 उम्मीदवारों ने मैदान में उतरकर नामांकन दाखिल किया था. नामांकन और स्क्रूटनी की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बैलेट पेपर के जरिए सीक्रेट वोटिंग कराई गई. मतदान खत्म होते ही जब ऑब्जर्वर की निगरानी में वोटों की गिनती (काउंटिंग) शुरू हुई, तो पूरा सभागार सस्पेंस की जद में आ गया.
चार प्रत्याशियों के बीच फंसा पेंच
मतगणना के जो लाइव आंकड़े सामने आए, उसने चुनावी बिसात को बेहद दिलचस्प बना दिया:
- सीट नंबर 1 (एकतरफा मुकाबला): वार्ड पार्षद अर्जुन कुमार गुप्ता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 12 मत हासिल किए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सैयद असगर इमाम को महज़ 6 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा. अर्जुन गुप्ता को रिकॉर्ड मतों से विजयी घोषित किया गया.
- सीट नंबर 2 (टाई): इस पद के लिए मैदान में उतरीं महिला प्रत्याशी पूनम देवी और उनके सामने खड़े धर्मेंद्र कुमार के बीच कांटे की टक्कर हुई. काउंटिंग खत्म होने पर दोनों को बराबर-बराबर यानी 9-9 मत प्राप्त हुए.
- सीट नंबर 3 (टाई): इसी तरह तीसरे पद के लिए भी आमोद कुमार और विकास रजक के बीच का मुकाबला बेहद रोमांचक रहा. जब अंतिम वोट की गिनती हुई, तो इन दोनों प्रत्याशियों के खाते में भी 9-9 मत आए.
पर्ची खुलते ही धर्मेंद्र और विकास रजक हुए बाहर
दो अलग-अलग सीटों पर मुकाबला 9-9 मतों के फेर में पूरी तरह ‘टाई’ हो जाने के बाद सदन में सन्नाटा पसर गया. राज्य निर्वाचन आयोग के नियमानुसार दोबारा वोटिंग के बजाय पारदर्शी तरीके से ‘लॉटरी सिस्टम’ अपनाने का फैसला किया गया. प्रशासन ने पूरी निष्पक्षता बरतते हुए ब्लॉक परिसर के बाहर से एक छोटे बच्चे को सभागार के अंदर बुलवाया.
उस मासूम बच्चे ने अधिकारियों के सामने दोनों सीटों के प्रत्याशियों के नाम की पर्चियां बारी-बारी से बॉक्स से बाहर निकालीं. किस्मत के इस खेल में पहली पर्ची पूनम देवी की और दूसरी पर्ची आमोद कुमार की निकली. लॉटरी का परिणाम आते ही पूनम देवी और आमोद कुमार के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई, जबकि कड़े मुकाबले के बाद धर्मेंद्र कुमार और विकास रजक को भाग्य के चलते शिकस्त झेलनी पड़ी.
वीडियोग्राफी के बीच मिला प्रमाण पत्र, नवनिर्वाचित सदस्यों ने ली पद की शपथ
चुनावी ड्रामे के पटाक्षेप के बाद सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी (सीओ) अभिजीत कुमार चौधरी ने नवनिर्वाचित तीनों सदस्यों— अर्जुन कुमार गुप्ता, पूनम देवी और आमोद कुमार के नामों की आधिकारिक घोषणा की. इसके तुरंत बाद कलेक्ट्री नियमों के तहत सभी विजयी सदस्यों को जीत का प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) हस्तगत कराया गया और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई.
प्रशासनिक पारदर्शिता के लिए इस पूरी निर्वाचन और काउंटिंग प्रक्रिया की बकायदा वीडियोग्राफी कराई गई. चुनाव परिणाम और शपथ ग्रहण के तुरंत बाद समर्थकों ने अपनी पार्टी के नवनिर्वाचित सदस्यों को फूल-मालाओं से लाद दिया, जमकर अबीर-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया और मिठाइयां बांटीं. यह पूरी चुनावी प्रक्रिया मुख्य रूप से सहायक निर्वाची पदाधिकारी अभिजीत कुमार चौधरी, विशेष आब्जर्वर सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह, बीडीओ संजय कुमार सिन्हा और बीपीआरओ राम अयोध्या राय की गरिमामयी उपस्थिति में बेहद शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई.
मुजफ्फरपुर के मीनापुर से संतोष कुमार गुप्ता की रिपोर्ट
