मुजफ्फरपुर से सुमित कुमार की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: बैरिया बस स्टैंड में सात साल पहले ट्रांसपोर्टर के एजेंट कुंदन सिंह की वर्चस्व को लेकर हुई हत्या के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. इस केस में एक अहम सीसीटीवी फुटेज की सत्यता जांचने के लिए मुजफ्फरपुर पुलिस चंडीगढ़ पुलिस से संपर्क करेगी. इसके लिए अहियापुर थाने की पुलिस को चंडीगढ़ भेजा जा सकता है. दरअसल, केस में जेल में बंद सदातपुर के पूर्व मुखिया अनिल चौबे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर खुद को बेकसूर बताया है.
पूर्व मुखिया का दावा: घटना के वक्त चंडीगढ़ में था, कोर्ट में पेश किया फुटेज
आरोपित अनिल चौबे ने हाईकोर्ट में दावा किया है कि वह घटना के दिन एक फरवरी 2019 को मुजफ्फरपुर में नहीं बल्कि चंडीगढ़ में था. अपने इस दावे को साबित करने के लिए उसने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दिया गया एक सीसीटीवी फुटेज भी कोर्ट में पेश किया है. इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश अंसुल ने टिप्पणी की कि पुलिस को पूर्व में ही इस फुटेज की जांच करनी चाहिए थी. निष्पक्ष न्याय के लिए हर साक्ष्य की जांच जरूरी है.
हाईकोर्ट का एसएसपी को अल्टीमेटम, 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को 15 दिनों के अंदर इस सीसीटीवी फुटेज की सत्यता की जांच कराकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है. अदालत ने यह भी साफ किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर जांच पूरी नहीं होती है, तो एसएसपी को वर्चुअल माध्यम से सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा.
पत्नी ने दर्ज कराई थी प्राथमिकी, चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे हैं जेल में बंद
इस मामले में मृतक कुंदन सिंह की पत्नी अचला कुमारी ने खुद को चश्मदीद बताते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. बयान के मुताबिक, वह बैरिया बस स्टैंड में पति से रुपये लेने गई थी, तभी कुख्यात चुन्नू ठाकुर और अनिल चौबे ने कुंदन सिंह को गोली मार दी. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और फिलहाल न्यायालय में इस मामले का ट्रायल चल रहा है.
