Muzaffarpur News: कोलकाता में सजेगी बिहार की अनमोल विरासत, 7 अगस्त से शुरू होगा दो दिवसीय सांस्कृतिक महाकुंभ

Muzaffarpur News: कोलकाता में 7 और 8 अगस्त को बिहार फाउंडेशन और भारतीय संग्रहालय के सहयोग से दो दिवसीय बिहार विरासत समारोह का आयोजन होगा. इस दौरान मिथिला पेंटिंग की लाइव प्रदर्शनी होगी और छठ पूजा पर एक विशेष अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म के निर्माण का भी फैसला लिया गया है.

Muzaffarpur News: पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत में बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए एक बड़ी पहल की जा रही है. बिहार सरकार के उद्योग विभाग के अधीन संचालित डायस्पोरा सेल ‘बिहार फाउंडेशन’ का कोलकाता चैप्टर और कोलकाता स्थित ‘भारतीय संग्रहालय’ (Indian Museum) संयुक्त रूप से आगामी 7 और 8 अगस्त को कोलकाता में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यशाला व विरासत कार्यक्रम का आयोजन करने जा रहे हैं. इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना और बिहार की समृद्ध कला, संस्कृति व सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित करना है.


कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा और आकर्षण (Quick Info Table)

इस दो दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव की रूपरेखा बिहार फाउंडेशन कोलकाता चैप्टर के अध्यक्ष निशांत कुमार सिंह (मूल निवासी: मुजफ्फरपुर) और भारतीय संग्रहालय के निदेशक व विक्टोरिया मेमोरियल हॉल के सचिव डॉ. सायन भट्टाचार्य ने एक संयुक्त बैठक में तैयार की है.

आयोजन की श्रेणियांमुख्य विवरण और आकर्षण
कार्यक्रम का नामबिहार सांस्कृतिक कार्यशाला व विरासत कार्यक्रम
आयोजन की तिथि7 और 8 अगस्त
मुख्य आयोजकबिहार फाउंडेशन (कोलकाता चैप्टर) और भारतीय संग्रहालय
प्रमुख आकर्षणविश्व प्रसिद्ध मिथिला (मधुबनी) पेंटिंग, पारंपरिक संगीत, लोक नृत्य
विशेष सत्रलाइव डेमोंस्ट्रेशन, सांस्कृतिक कार्यशालाएं, बच्चों व युवाओं के लिए संवादात्मक सत्र
अतिथि सूचीदेश के प्रतिष्ठित कलाकार और पद्मश्री से सम्मानित विभूतियां

आस्था के महापर्व ‘छठ पूजा’ पर बनेगी विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर भी एक बड़ा निर्णय लिया गया है. भारतीय संग्रहालय और बिहार फाउंडेशन मिलकर बिहार व पूर्वांचल की आस्था के प्रतीक छठ पूजा की परंपरा, इसके सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व, बुजुर्गों के अनुभवों और लोक आस्था पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण करेंगे.

  • वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन: इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और बिहार फाउंडेशन के सहयोग से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि वैश्विक समुदाय भारतीय सांस्कृतिक धरोहरों से रूबरू हो सके.
  • जमीनी स्तर पर रिसर्च: फिल्म के निर्माण के लिए एक विशेष टीम कोलकाता से बिहार का दौरा करेगी, जो वहां की पारंपरिक लोक परंपराओं और छठ घाटों की जीवंतता को कैमरे में कैद करेगी.

बिहार की कला और गौरव को सहेजने का प्रयास

बिहार फाउंडेशन के अध्यक्ष निशांत कुमार सिंह के अनुसार: “यह आयोजन बिहार की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक स्तर पर उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा. कोलकाता और पश्चिम बंगाल में रहने वाले प्रवासी बिहारियों के साथ-साथ स्थानीय कला प्रेमियों के लिए यह बिहार की लोक कलाओं को करीब से देखने का एक बेहतरीन अवसर है.”

मुजफ्फरपुर से विनय की रिपोर्ट

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Published by: Aaruni Thakur

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