Muzaffarpur News: लीची तस्करों और रेल कर्मियों की साठगांठ बेनकाब, कई अधिकारियों पर गिरेगी गाज

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर जंक्शन पर लीची लोडिंग में मनमानी और धांधली को लेकर समस्तीपुर डीसीएम राजेश कुमार सिन्हा का बड़ा एक्शन. चीफ पार्सल सुपरवाइजर भारत प्रसाद को किया सस्पेंड, रेल महकमे में मची खलबली. जानिए खबर विस्तार से…

 Muzaffarpur News: उत्तर बिहार के सबसे बड़े मुजफ्फरपुर रेलवे जंक्शन पर शाही लीची की बुकिंग और लोडिंग के खेल में एक बहुत बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है. समस्तीपुर रेल मंडल के सीनियर अधिकारियों ने जंक्शन के पार्सल विभाग में चल रही मनमानी और व्यापारियों के उत्पीड़न को गंभीरता से लेते हुए चीफ पार्सल सुपरवाइजर भरत प्रसाद को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है. समस्तीपुर रेल मंडल के डीसीएम (मंडल वाणिज्य प्रबंधक) द्वारा अचानक की गई इस बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक से मुजफ्फरपुर जंक्शन समेत पूरे रेल महकमे और पार्सल ठेकेदारों के सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है.

व्यापारी ने खोल दी पार्सल विभाग की पोल

यह पूरा वाकया शनिवार को उस समय शुरू हुआ जब समस्तीपुर रेल मंडल के डीसीएम राजेश कुमार सिन्हा आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्रियों की भारी भीड़ और ‘क्राउड मैनेजमेंट’ (भीड़ नियंत्रण) की व्यवस्थाओं का औचक जायजा लेने पहुंचे थे. डीसीएम जंक्शन पर मुस्तैद थे, इसी बीच एक स्थानीय लीची व्यापारी हिम्मत जुटाकर उनके पास पहुंचा और पार्सल विभाग में चल रहे कथित खेल और भेदभाव की लिखित व मौखिक शिकायत दर्ज कराई.

‘पहले आओ, पहले पाओ’ का नियम ताक पर

लीची व्यापारी ने डीसीएम राजेश कुमार सिन्हा के सामने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी लीची की खेप समय से बहुत पहले बुक हो चुकी थी और वह लोडिंग के लिए पार्सल यार्ड में रखी थी. इसके बावजूद चीफ पार्सल सुपरवाइजर और अन्य रेल कर्मियों की मिलीभगत से उसकी लीची को लोड नहीं किया जा रहा था. हैरान करने वाली बात यह थी कि जिन रसूखदार व्यापारियों ने उसके काफी बाद में लीची की बुकिंग कराई थी, नियमों को ताक पर रखकर उनकी लीची को प्राथमिकता देते हुए मुंबई जाने वाली ‘पवन एक्सप्रेस’ के पार्सल वैन (VPH) में लोड कर रवाना कर दिया गया. व्यापारी ने आरोप लगाया कि पार्सल विभाग में ‘सुविधा शुल्क’ और साठगांठ के आधार पर गाड़ियों में जगह (स्पेस) अलॉट की जा रही है.

ऑन-स्पॉट जांच में सच साबित हुई शिकायत

शिकायत की गंभीरता और लीची जैसे जल्दी खराब होने वाले (पेरिसेबल) फल से जुड़े मामले को देखते हुए डीसीएम ने एक पल की भी देरी नहीं की. वे तुरंत अधिकारियों के दल के साथ पार्सल बुकिंग केंद्र और लोडिंग प्लेटफॉर्म पर धमक गए. डीसीएम ने मौके पर ही बुकिंग रजिस्टर, टोकन नंबर और पवन एक्सप्रेस के पार्सल मैनिफेस्टो (सामान की सूची) का ऑन-स्पॉट मिलान किया.

शुरुआती जांच और फाइलों के मिलान में व्यापारी द्वारा लगाए गए भेदभाव और वित्तीय अनियमितता के आरोप शत-प्रतिशत सच पाए गए. मौके पर ही नियमों की धज्जियां उड़ती देख डीसीएम ने कड़ा रुख अपनाया और ऑन-ड्यूटी चीफ पार्सल सुपरवाइजर भारत प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का फरमान जारी कर दिया.

जांच के दायरे में अधिकारी

रेलवे सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरपुर जंक्शन से देश के कोने-कोने (मुंबई, दिल्ली, कोलकाता) में भेजी जाने वाली लीची की लोडिंग में इस तरह की मनमानी और सिंडिकेट का खेल लंबे समय से चल रहा था. इस निलंबन की कार्रवाई के बाद अब पार्सल विभाग के कई अन्य बड़े अधिकारियों, वेंडरों और दलालों पर भी जांच की आंच पहुंचना तय माना जा रहा है. डीसीएम ने मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने दो टूक कहा है कि किसानों और व्यापारियों के माल के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जो भी दोषी होगा वह सीधा जेल जाएगा.

मुजफ्फरपुर से ललितांशु की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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