मुजफ्फरपुर से कुमार दीपू की रिपोर्ट
Muzaffarpur News: जिले के मुख्य अस्पताल में सोमवार को स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई. सुबह ठीक 11 बजे अचानक अस्पताल का मुख्य सर्वर डाउन हो गया. सर्वर ठप होते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी पर्ची, डॉक्टर केबिन, दवा वितरण और पैथोलॉजी लैब का काम पूरी तरह रुक गया. देखते ही देखते अस्पताल परिसर में मरीजों और परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई.
भीषण गर्मी में तड़पे मरीज, अस्पताल में काटा हंगामा
एक तरफ सर्वर ठप था, तो दूसरी तरफ आसमान से बरसती आग और उमस ने मरीजों की मुसीबत दोगुनी कर दी. घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण कई गंभीर मरीजों की हालत बिगड़ने लगी. अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई वैकल्पिक मैन्युअल व्यवस्था न किए जाने पर मरीजों का सब्र टूट गया और उन्होंने परिसर में ही जोरदार हंगामा शुरू कर दिया. मरीजों का आरोप था कि इस जानलेवा गर्मी में बीमार लोगों को बिना इलाज के खड़ा रखना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है.
2 घंटे बाद बहाल हुई सेवा, दिनभर परेशान रहे लोग
बढ़ते बवाल को देखकर अस्पताल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए. आनन-फानन में तकनीकी टीम को काम पर लगाया गया. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर 1 बजे सर्वर को दोबारा चालू किया जा सका. इसके बाद डिजिटल काउंटरों पर पर्ची कटने और दवा वितरण का काम शुरू हुआ. हालांकि, इस दो घंटे के गतिरोध के कारण मरीजों को दिनभर लाइनों में लगकर भारी परेशानी झेलनी पड़ी. अस्पताल प्रबंधन ने इसे महज एक तकनीकी खराबी बताया है.
